संतकबीरनगर/ मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पर एक बार फिर संकट गहरा सकता है। गैस की किल्लत के बीच अब बुकिंग अनिवार्य किए जाने से दिक्कत बढ़ सकती है। हालांकि अभी भी मध्याह्न भोजन बनाने में शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विद्यालयों में अभी जो गैस कनेक्शन है, उस पर बुकिंग के बजाय पासबुक पर एंट्री के आधार पर एजेंसी से सिलिंडर की डिलीवरी हो जाती है, लेकिन अब एमडीएम के लिए स्कूलों के नाम से जो गैस कनेक्शन है, उस पर एक मोबाइल नंबर प्रधानाध्यापक के द्वारा गैस एजेंसी को उपलब्ध कराना होगा। उसकी फीडिंग की जाएगी।
प्रधानाध्यापक उसी नंबर से ऑनलाइन गैस सिलिंडर बुक करेंगे। इसके बाद स्कूल को सिलिंडर की डिलीवरी की जाएगी। बुकिंग के बाद ओटीपी भी दिखाना होगा। ऐसे में एमडीएम बनवाने के लिए अब शिक्षक परेशान हैं। वर्तमान स्थिति में प्रधानाध्यापक को गैस सिलिंडर खत्म होने की भी निगरानी करनी पड़ेगी।
शिक्षकों का कहना है कि कभी-कभी खाना बनाते समय ही सिलिंडर समाप्त हो जाता है। एजेंसी पर पहुंचकर कम से कम सिलिंडर पासबुक पर मिल जाता था, लेकिन अब बिना बुकिंग के सिलिंडर नहीं मिल पाएगा, जिससे मध्याह्न भोजन प्रभावित होगा। बुकिंग के बाद 24 से 48 घंटा गैस सिलिंडर का इंतजार करना पड़ेगा। इससे बच्चों का एमडीएम प्रभावित होगा।
पहले बिना बुकिंग के ही स्कूल के नाम से जो गैस कनेक्शन है उस पर सिलिंडर की डिलीवरी हो जाती थी, लेकिन अब नए नियम के तहत पहले नंबर पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। इसके बाद सिलिंडर मिलेगा। इससे एमडीएम बनवाने में परेशानी होगी।
-सुमन सिंह, प्रधानाध्यापक
नए नियम से विद्यालयों की परेशानी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद तत्काल गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। 4 से 6 दिन गैस सिलिंडर मिलने में लग रहा है। खुद के विद्यालय पर एक सप्ताह से गैस सिलिंडर नहीं मिल पाया है, जिससे एमडीएम प्रभावित हो रहा है। नए नियम से समस्या और बढ़ेगी।
-अब्दुल गफ्फार, प्रधानाध्यापक
विद्यालयों में कहीं नामांकन अधिक है तो कहीं कम। आवश्यकता के अनुसार पासबुक पर गैस सिलिंडर एजेंसी से प्राप्त किया जाता था। बुकिंग का कोई नियम नहीं था। एमडीएम बनाते समय बीच में ही गैस सिलिंडर समाप्त हो जाते हैं। ऐसी समस्या भी विद्यालयों के सामने आती है। बुकिंग के बाद गैस सिलिंडर की डिलीवरी होगी तो उसमें समय लगेगा।
-अजयनाथ मिश्रा, प्रधानाध्यापक
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बुकिंग का नियम गलत है। मोबाइल नंबर एक है जो घर के गैस कनेक्शन के लिए एजेंसी पर फीड कराया गया है, जिससे बुकिंग की जाती है। विद्यालय की बुकिंग के लिए अलग नंबर देने की समस्या है। अभी तक एजेंसी के करीब रहने वाले विद्यालयों को एमडीएम बनाते समय गैस सिलिंडर खत्म होने पर एजेंसी पर पहुंचने पर तत्काल डिलीवरी होती थी।
-उमेश कुमार, प्रधानाध्यापक
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विद्यालयों के नाम से जो गैस कनेक्शन है, उस पर मोबाइल नंबर की फीडिंग अनिवार्य है। इस मोबाइल नंबर से गैस सिलिंडर की बुकिंग होगी, उसके बाद डिलीवरी मिलेगी। नंबर की फीडिंग करते समय ही विद्यालय में माह में कितने गैस सिलिंडर का खर्च है, इसकी भी फीडिंग होगी। उसी के अनुसार गैस सिलिंडर बुकिंग के बाद डिलीवरी की जाएगी। बिना बुकिंग के सिलिंडर दे पाना संभव नहीं होगा।
-रामकेश मिश्रा, मैनेजर, शिवांशु गैस सर्विस मेंहदावल
कोट
विद्यालयों के लिए गैस सिलिंडर की कोई दिक्कत नहीं है। उनको आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कि कोई परेशानी न हो।
-राजीव कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी