महुली। थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर गांव में शनिवार सुबह फूल कारोबारी युवक मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे में छत के कुंडे से लटका मिला। परिजन उसे अचेत अवस्था में लेकर सीएचसी नाथनगर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी।
मुखलिसपुर निवासी लक्ष्मी मांझी का बड़ा बेटा विशाल मांझी (26) फ्लावर डेकोरेशन का काम करता था। वह अपने छोटे भाई प्रतीक के साथ होजरी का कारोबार भी करता था। शुक्रवार की रात वह देर से आया और सोने चला गया। शनिवार सुबह करीब दस बजे तक जब विशाल दूसरी मंजिल पर बने कमरे से नीचे नहीं उतरा तो परिजन उसे देखने पहुंचे। कमरे के भीतर का दृश्य देखते ही उनके होश उड़ गए।
विशाल छत के कुंडे से लटक रहा था। परिवार के लोग उसे उतारकर सीएचसी नाथनगर ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच के उसे मृत घोषित कर दिया। विशाल की असमय मौत ने माता-पिता को भीतर तक तोड़ दिया। बेटे की मौत की खबर से पिता लक्ष्मी मांझी और मां रामरती देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां की आंखों के सामने बेटे का बेजान शरीर और पिता के सामने उजड़ते परिवार के इस दृश्य ने हर किसी को झकझोर दिया। जिस बेटे को बड़े अरमानों से पाल-पोसकर बड़ा किया था उसे इस तरह खो देने का दर्द परिवार के लिए असहनीय हो गया।
विशाल की मौत से उसकी अविवाहित बहनों रिंकी और मोना पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भाई को खोने के गम में दोनों की चीख-पुकार थमने का नाम नहीं ले रही थी। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल की सूचना पर मुखलिसपुर चौकी प्रभारी जय हिंद सीएचसी नाथनगर पहुंचे। उन्होंने परिजन से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस मामले की जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी है।
एसओ दुर्गेश पांडेय ने बताया कि युवक की मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा।