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नहीं मिला महिला का शव

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चौथे दिन पीएसी ने की तलाश, नहीं मिली रूमा
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रामबाग घाट के पास हुए नाव हादसे में डूबीं तीन महिलाओं का शव मिल गया था
सोमवार की शाम को ही लौट गई एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम
पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। रामबाग घाट के पास हुए नाव हादसे में डूबीं चार महिलाओं में से तीन का शव तो एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और 30वीं वाहिनी के पीएसी के जवानों ने ढूंढ निकाला था, लेकिन डूबी चौथी महिला का कोई पता अब तक नहीं चला। सोमवार की शाम को ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें यहां से रवाना हो गईं। मंगलवार को पीएसी के जवानों ने घाघरा में रूमा की काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। अब बुधवार को फिर पीएसी के जवान लापता रूमा की तलाश करेंगे। इधर, पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
शनिवार को घाघरा नदी के उस पार धान काटने के लिए चपरापूर्वी व बालमपुर गांव के चार पुरुष और 14 महिलाएं एक नाव पर सवार होकर जा रही थीं। नाव नदी के किनारे पहुंचने ही वाली थी कि पलट गई। इससे उसमें सवार 14 लोग तो तैर कर किसी तरह पानी से सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन चार महिलाएं डूब गईं। चपरा पूर्वी गांव की रहने वाली डूबीं चारों महिलाओं में माया पुत्री नंदलाल, रेखा पुत्री हरिवंश और रूमा व कविता पुत्री रामनयन की तलाश उसी दिन से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी की संयुक्त टीम कर रही थी। सोमवार की शाम तक माया, रेखा व कविता की लाश को नदी से टीमों ने ढूंढ निकाला था, लेकिन रूमा का पता नहीं चल सका। सोमवार की शाम को ही एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम वापस चली गई। जबकि मंगलवार को 30वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर के जवान घाघरा में डूबी रूमा की तलाश में जुटे रहे। देर शाम तक टीम नदी को पीएसी के जवानों ने खंगाला, लेकिन कोई पता नहीं चला। एसओ रणधीर मिश्र ने बताया कि अंधेरा होने की वजह से पीएसी के जवानों ने तलाश कार्य बंद कर दिया। अब बुधवार को फिर पीएसी के जवान डूबी रूमा की तलाश करेंगे।
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पीड़ित परिजनों से मिले भाजपा नेता, मदद का दिया भरोसा
धनघटा। शनिवार को घाघरा नदी में नाव डूबने से मरी महिलाओं व गायब हुई रूमा के परिजनों से मंगलवार को भाजपा के नेता मिले। पीड़ितो को ढांढस बधाते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र पांडेय, दिलीप राय, पीएन सिंह, पंकज पांडेय, रामअशीष मिश्र, जिऊतलाल आदि माया, रेखा व रूमा तथा कविता के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाए और कहा कि प्रशासन पीड़ितों की हर संभव मदद के करने के लिए तैयार है।
तालाब में मिला किशोर का शव
पुलिस ने पंचनामा के बाद परिजनों को सौपा शव
संवाद न्यूज एजेंसी
रोसया। धनघटा क्षेत्र के खैरा गांव निवासी 12 वर्षीय किशोर का शव मंगलवार को गांव के निकट बाल गोविनिया ताल में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। परिवार के इकलौते संतान की अचानक हुई मौत की सूचना पर कोहराम मच गया।
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खैरा गांव निवासी रामचंद्र का 12 वर्षीय बेटा महेंद्र कक्षा छह में पढ़ता था। मंगलवार को वह अज्ञात कारणों से स्कूल नहीं गया था, लेकिन सुबह 10 बजे घर से खेलने की बात कहकर निकला था। दोपहर एक बजे तक जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश में मां लालमती घर से निकलीं। गांव के बच्चे गांव के बगल स्थित बाल गोविनिया ताल की तरफ हमेशा खेलने के लिए जाया करते थे। लालमती को शक था कि बेटा महेंद्र भी ताल की तरफ ही गया होगा। बेटे की तलाश करती हुई मां जब ताल के किनारे पहुंची तो महेंद्र का कपड़ा रखा मिला। आवाज दी, लेकिन कोई बोला नहीं। उसके बाद लालमती ने घर जाकर यह बात अपने पति को बताई। गांव के लोग व महेंद्र के पिता रामचंद्र ने जब ताल में जाकर पानी में महेंद्र की तलाश की तो वह अचेत हालत में पाया गया। जिसे लेकर लोग सीएचसी मलौली पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वह रामचंद्र की इकलौती संतान था। घर का चिराग बुझ जाने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कराया और परिजनों को सौंप दिया।
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