संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर/ महुली। क्षेत्र के टिकुईकोल बाबू गांव में आंबेडकर जयंती पर झंडा उतारकर फेंक दिए जाने के मामले में शनिवार की रात दो पक्ष आमने-सामने हो गए। कहासुनी के बीच दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया। जातीय संघर्ष में दोनों पक्ष से करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची महुली पुलिस दोनों पक्ष से पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। पुलिस ने दोनों पक्ष से 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसओ दुर्गेश पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आंबेडकर जयंती के दिन टिकुईकोल बाबू गांव में बिजली के खंभे पर लगे झंडे को गांव के ही कुछ लोगों ने उतारकर फेंक दिया था। शाम को रैली से वापस हुए दलित बस्ती के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामले की सूचना 112 पर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को थाने बुलायाद्ध जहां आपसी समझौते के बाद घर लौट गए।
शनिवार की देर रात दोनों पक्ष फिर आमने-सामने हो गए और कहासुनी के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इस बीच लोग एक-दूसरे पर हमलावर हो गए। दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक चले लाठी-डंडे और ईंट पत्थर में डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए।
दलित बस्ती पक्ष से जवाहर, उजागर, राम अशोक, दृष्टि , बिंजना , बृजबाला, सूरज, चांदनी, मुकेश , विपिन, अशोक घायल हो गए, जिसमें जवाहर, अशोक और चांदनी को गंभीर चोटें आई हैं।
दूसरे पक्ष से शकुंतला पत्नी , राजाराम, पंकज, मिथुन पुत्र हरिश्चंद्र, छोटी, रिंकू, कृष्ण घायल हैं।
घटना की सूचना पर पहुंची महुली पुलिस पांच लोगों को हिरासत में लेकर घटना के बाबत पूछताछ कर रही है। पुलिस ने मारपीट में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है।
सीओ अभयनाथ मिश्र ने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी है।