धनघटा। विकास का कार्य हो या प्रमुख का चुनाव इन सबों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाला विकास खंड हैसर बाजार 10 दिन से बीडीओ विहीन है। इतना ही नहीं यहां पर एडीओ पंचायत भी उधार के हैं। बीडीओ के न रहने और उधारी के एडीओ पंचायत के न आने से विकास कार्य जहां ठप पड़ा हुआ है। वही ब्लॉक के कर्मचारी भी अपने मनमाने ढंग से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
72 ग्राम पंचायत वाले विकास खंड हैसर बाजार में कार्यरत खंड विकास अधिकारी बीके मणि त्रिपाठी 31 अक्तूबर को सेवा मुक्त हो गए। उनके रिटायर्ड होने के बाद उनकी जगह पर किसी दूसरे की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई।
10 दिन से बीडीओ विहीन बने विकास खंड का विकास कार्य ठप हो गया है। ग्राम प्रधानों का कहना है की बीडीओ के न रहने से मनरेगा जैसी योजना प्रभावित होने लगी है। इस समय जब किसानों का खेत खाली है और उसमें से मिट्टी निकाल कर सड़कों की पटाई करने के साथ जॉब कार्ड धारकों को रोजगार दिया जा सकता है तो फाइल स्वीकृत करने वाला ही कोई नहीं है।
इतना ही नहीं कच्चे कार्य का भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। जिसके कारण मजदूरों को समय से उनकी मजदूरी उनके खाते में नहीं पहुंच पा रही है। प्रधानों का कहना है की जिले में बीडीओ की कमी नहीं है। अज्ञात कारणों से उनकी नियुक्ति विकासखंड है सर बाजार में नहीं की जा रही है।
प्रधानों का कहना है की 5 दिन पहले एडीओ पंचायत गजानन पाल को डीपीआरओ ऑफिस से अटैच करके उनके स्थान पर पौली ब्लाक के एडीओ पंचायत दालसिंगार यादव को यहां का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया। जो कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक दिन भी यहां पर समय नहीं दिए। अधिकारियों के न रहने से ब्लॉक के कर्मचारी भी ब्लॉक आने जाने की खानापूर्ति ही करने में लगे हुए हैं। प्रधानों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक गणेश चंद चौहान की पत्नी कालिंदी चौहान यहां की ब्लॉक प्रमुख है। उनके ब्लॉक की हालत किस कारण ऐसी है यह बात समझ में नहीं आ रहा है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जल्द ही बीडीओ की तैनाती कराई जाएगी।जिससे की कार्य प्रभावित न हो।