मगहर। सद्गुरु कबीर के 620वें प्राकट्य दिवस पर कबीरचौरा परिसर में सोमवार से पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सुबह कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण, बीजक पाठ और हवन से किया गया। इसमें विभिन्न प्रांतों से आए कबीर के अनुयायियों व संतों ने हिस्सा लिया। समूचा परिसर संत कबीर की वाणी से गूंज उठा।
कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीरचौरा परिसर में महान मध्यकालीन समाज सुधारक और दुनिया को सांप्रदायिक समरसता का संदेश देने वाले संत कबीर का 620वां प्राकट्योत्सव महंत विचार दास के नेतृत्व में धूमधाम से मनाने का सिलसिला सोमवार की सुबह आठ बजे ध्वजारोहण और बीजक पाठ के साथ शुरू हुआ।
बीजक पाठ के बाद संतों ने सामूहिक रूप से हवन किया। शाम को आमी नदी की महाआरती भी हुई। महंत विचार दास ने बताया कि कबीर साहब के प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर बीजक पाठ के पश्चात ध्वजारोहण होता है। उन्होंने कहा कि कबीर साहब की जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है।
मगहर स्थित कबीर चौरा परिसर में भी पांच दिवसीय भव्य कार्यक्रम हो रहा है। अंतिम दिन 28 जून के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो रहे हैं। पहले दिन कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों हरियाणा, दिल्ली, बिहार, गुजरात के अलावा प्रदेश के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से कबीर प्रेमी भक्तों ने पूरी आस्था के साथ कबीर बीजक पाठ में शामिल हुए।
इस अवसर पर केशवदास, रामलखन दास उर्फ लाल बाबा, राजेंद्र दास, राघव दास, शांति दास, अरविंद दास शास्त्री, डॉ. अजय पांडेय, रविप्रकाश पांडेय, अवधेश सिंह, विजय तिवारी, अमरजीत दास समेत बड़ी संख्या में कबीर पंथ के संत और अनुयायी मौजूद रहे।