पडरौना/कसया। बिजली बिल के बकाएदार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बढ़े बिल का संशोधन ओटीएस की राह में रोड़ा बन रहा है। ओटीएस का लाभ लेने से पहले बढ़कर आए बिजली बिलों को सुधरवाने के लिए उपभोक्ताओं को ठंड में भी पसीने छूट रहे हैं। इसको लेकर उपभोक्ताओं बिजली बिल काउंटर से लेकर एसडीओ कार्यालय तक भटक रहे हैं।
एक मुश्त समाधान योजना की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए बिजली निगम की ओर से बिजली उपकेंद्रों पर काउंटर बनाए गए हैं और गांवों तथा कस्बों में भी कैंप लगाया जा रहा है। यहां आने वाले उपभोक्ताओं को ओटीएस का रजिस्ट्रेशन तो किया जा रहा है, लेकिन बढ़कर आई बिजली बिल में गड़बड़ियों में सुधार नहीं हो पा रहा है।
इसके लिए एसडीओ और एक्सईएन कार्यालय में उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, वहां जाने के बाद भी इसमें सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढ़कर आया है, उन्हें ओटीएस का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले में ऐसे 12 हजार से अधिक शिकायतें चारों डिवीजन से जुड़े एसडीओ कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं। इसके निस्तारण में विभागीय जिम्मेदारों के रुचि न लेने के चलते उपभोक्ताओं को परेशानियां झेलनी पड़ रही है।