संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट जितेंद्र सिंह की कोर्ट ने शराब के नशे में पीड़िता के घर में घुसकर दुष्कर्म करने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी पाए जाने पर सात साल कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी आशीष प्रसाद पांडेय ने बताया कि थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम की पीड़िता की मां ने थाना धनघटा में तहरीर दी कि वह गरीब मजदूर महिला है। 10 अप्रैल, 2009 को वह खेत में गेहूं की कटाई कर रही थी। घर पर उसकी लड़की उम्र लगभग 14 वर्ष अकेली थी। शाम के समय करीब सात बजे उसके गांव के एक व्यक्ति का रिश्तेदार आरोपी शराब पीकर आया और लड़की को अकेला देखकर नशे में घर में घुस गया और जबरन दुष्कर्म किया तथा लड़की गवार किस्म की होने के कारण ऊंची आवाज में ना बोल सकी और किसी तरह छटपटाते हुए विरोध करने लगी तो उक्त आरोपी डाट कर चुप कराने लगा और घर से अंधेरे में भाग लिया। जब वह अपने घर आई तो लड़की की हालत देखकर उससे पूछताछ की तो वह रो करके बताने लगी। वह थाने जाने लगी लेकिन आरोपी ने जान माल की धमकी देते हुए मामले को दबाने की कोशिश की। किसी तरह थाने पर आई हूं। तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म जान से मारने की धमकी और एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना के बाद दो आरोपी का नाम गलत पाए जाने पर उनका नाम निकाल दिया और एक आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म जान माल की धमकी और एससी एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट में आरोपी ने विचरण की मांग किया। आरोपी ने आरोप से इंकार किया। अभियोजन की तरफ से वादिनी मुकदमा, दो डाक्टरों के बयान, विवेचक के बयान तथा सात अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किया गया।
विशेष लोक अभियोजक अशीष प्रसाद पाण्डेय ने तर्क दिया कि आरोपी ने जघन्य अपराध किया है अधिक से अधिक सजा दी जाए। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट जितेंद्र सिंह की कोर्ट ने पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर एससी एसटी एक्ट तथा जानमाल की धमकी का आरोप नहीं पाते हुए उक्त आरोप में दोषमुक्त कर दिया तथा पीड़िता के साथ दुष्कर्म के दोषी पाए जाने पर थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम के व्यक्ति को सात वर्ष के कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।