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कांग्रेस से निष्कासित भालचंद बसपा में शामिल

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शहर के एक मैरेज हाल में आयोजित बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में बसपा में शामिल हुए भालंचद यादव का स? - फोटो : KHALILABAD
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कांग्रेस से निष्कासित भालचंद बसपा में शामिल
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संतकबीरनगर। कांग्रेस पार्टी से बृहस्पतिवार को निष्कासित हुए भालचंद यादव शुक्रवार को बसपा में शामिल हो गए। नगर के बनियारी स्थित एक मैरेज हाल में आयोजित बसपा के एक दिवसीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि और जोन इंचार्ज बस्ती, देवीपाटन एवं अयोध्या मंडल शमसुद्दीन राइनी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में बसपा ने हर जगह बेहतर प्रदर्शन किया। अगर गठबंधन का सहयोग मिला होता तो बसपा अपने कोटे की सभी सीटों पर जीत दर्ज करती। अब पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल रही है। कार्यकर्ता जनता को बसपा और भाजपा सरकार की तुलना कर अपने पक्ष में माहौल बनाएं। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि जोन इंचार्ज राम गोपाल कोरी और जोन इंचार्ज व पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद भालचन्द्र यादव ने अपने पुत्र सुबोध यादव और जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव के साथ बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पूर्व सांसद ने कहा कि पुराने घर में वापस आकर खुशी मिली है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेश चंद राव, पूर्व विधायक ताबिश खां, संजय गौतम, सुरेश कुमार गौतम, संजय धुसिया, जयहिंद, केके गौतम, लालमती, भगवान दास, भूपेंद्र सिंह सोनल, रामभवन शर्मा, लाल चंद निषाद, बृजेंद्र मणि, रामसूरत, राजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित रहे।
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अप्रैल में शामिल हुए थे कांग्रेस में
संतकबीरनगर। अपने दो दशक लंबे राजनीतिक करियर में भालचंद यादव वर्ष 1999 में सपा के टिकट पर पहली बार खलीलाबाद सीट से लोकसभा पहुंचे। तीन वर्ष बाद ही उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था। वर्ष 2004 में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज किया। 2008 में फिर बसपा से मन डोला और वे सपा में आ गए आए। वर्ष 2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव सपा के टिकट पर लड़ा। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन होते ही फिर पाला बदल लिया। इस बार उन्होंने कांग्रेस की राह पकड़ी और अप्रैल में कांग्रेस कार्यकर्ता बन गए। संतकबीरनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर 1.28 लाख वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। निष्कासन के बाद वे फिर बसपा में चले गए।
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मिल रहीं थीं शिकायतें
पूर्व सांसद भालचन्द्र यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और अनुशासनहीनता के आरोप में बृहस्पतिवार को कांग्रेस से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। यह निर्णय तीन सदस्यीय अनुशासन समिति ने लिया। समिति को भालचंद समेत कई नेताओं के खिलाफ शिकायतें मिली रहीं थी। ऐसे में कुछ और नेताओं पर अनुशासन की गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
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