पुखरायां रेल हादसे में संतकबीरनगर जिले के पखुआपार निवासी एक परिवार के मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि पति घायल हो गए। यह परिवार घर में होने वाले शादी समारोह में शामिल होने आ रहा था।
बाबा तामेश्वरनाथ भारती इंटर कॉलेज मेें सहायक अध्यापक पद रुद्रनाथ चौरसिया ने नम आंखों से बताया चार बेटों में सबसे बड़ा पुत्र प्रवीणचंद्र इंदौर (मध्यप्रदेश) के प्रीतपुर के धार में एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता है। उनके साथ पत्नी पूनम और साढ़े चार साल का बेटा प्रियांशु भी रहता थे। छोटे बेटे प्रभंजनाथ की 30 नवंबर को शादी है। इसी में शामिल होने प्रवीण परिवार के साथ इंदौर- राजेंद्रनगर एक्सप्रेस में इंदौर से चढ़े। उनकी सीट एसटू बोगी में सीट 50 और 51 नंबर थी। रविवार सुबह भतीजे मिलिंद कुमार ने फोन पर सूचना दी कि जिस ट्रेन से भइया आ रहे हैं, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। अनहोनी की आशंका से मन घबराया।
इसके बाद किराए की गाड़ी से बेटा प्रभंजनाथ और बहू का भाई अंगद, रिश्तेदार कपिल देव, रामदरश, रवींद्र नाथ कानपुर गए। यह कहते-कहते पिता फफक पड़े। सांत्वना देने के बाद कहा कि कानपुर गए भतीजे नितिन कुमार ने फोन पर जानकारी पर दी कि कानपुर देहात के राजावत अस्पताल में प्रवीण चंद आईसीयू में भर्ती हैं। बाद में शव गृह में बहू और रविवार रात करीब 11 बजे ट्रेन में फंसा प्रियांशु का शव मिला।
कानपुर गए परिवार के लोगों ने बहू और पोते का अंतिम संस्कार वहीं कर दिया है। जबकि घायल बेटे प्रवीणचंद को लोग साथ लेकर घर लौट रहे हैं। प्रवीण को गोरखपुर के किसी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। प्रवीण के छोटे भाई प्रभंजनाथ ने बताया कि भइया को हादसे के 24 घंटे बाद होश आया है। अभी उन्हें पत्नी और बेटे की मौत की जानकारी नहीं है।
शिक्षक ने बताया कि छोटे बेटे की शादी बड़ी बहू पूनम की छोटी बहन वंदना से हो रही है। बहू का मायका गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र के नजनी उर्फ शिवपुर गांव निवासी अंगद चौरसिया के यहां है। ट्रेन हादसे में बड़ी बहू और पोते की मौत हो जाने से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं घायल प्रवीण के स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना गांव के लोग कर रहे हैं।
गहने गायब मिले ः रुद्रनाथ चौरसिया के मुताबिक प्रवीण के चचेरे भाई नितिन ने बताया कि भाभी पूनम का शव तो शव गृह में मिला था, लेकिन उनके शरीर पर कोई गहना नहीं था।