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Sant Kabir Nagar News: होली में मिठाई और पनीर खरीदने में बरतें सावधानी

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बाजार में दुकान पर बिक रही मिठाई-संवाद
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संतकबीरनगर। दिवाली पर बिके पनीर, खोआ, दाल, छेना, दूध सहित अन्य खाद्य सामानों के खाद्य विभाग ने करीब 27 नमूने लिए थे। यह सब जांच में अधोमानक मिले। इसमें मिलावट की गई थी। अब होली नजदीक है और खोआ, पनीर व मसाले की मांग बढ़ेगी। जिले की मांग पूरी करने के लिए कानपुर, गोंडा और गोरखपुर से खोआ और पनीर की आपूर्ति होती है।
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त्योहार को देखते हुए धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। शनिवार को हुई छापा मार कार्रवाई में शहर की एक दुकान से 20 किलो दूषित मिठाई नष्ट कराई गई। टीम ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
होली चार मार्च को मनाई जानी है। इस पर्व पर मिठाई की डिमांड ज्यादा होती है। इसके साथ ही गुझिया सबसे ज्यादा बनाई जाती है। कुछ जगहों पर तो डिब्बा बंद गुझिया बेची जाती है। ऐसे में उन्हें लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। यहां केमिकल युक्त पाउडर से खोआ तैयार किया जाता है। यह खोआ गुझिया में इस्तेमाल होता है।
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इसके साथ ही इसमें सस्ता वनस्पति घी और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल हो रहा है। यह शहर के तमाम जगहों पर बिक रहा है। जो सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसे में मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता की जांच अवश्य कर लें। यही नहीं नवाबगंज गोंडा, गोरखपुर और आजमगढ़ से आ रहे मिलावटी खोआ से भी मिठाई बनाई जा रही है। इस समय बाजार में मिलावटी मिठाई को खपाया जा रहा है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
मिलावटखोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह नहीं करते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। जिले में मिलावटखोरी का धंधा नया नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोरी का यह धंधा जोरों से चल रहा है।
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पिछले साल पकड़ा गया था खजनी का पनीर
पिछले होली पर जिले में आजाद चौक से 35 क्विंटल खजनी से लाई गई पनीर बरामद हुई थी। जिसे खाद्य टीम ने नष्ट करा दिया था। इसके साथ ही मेंहदावल बाईपास के पास से एक पिकअप में 20 क्विंटल पनीर बरामद किया था। उसे भी नष्ट कराया गया। इसका सैंपल भेजा गया तो जांच रिपोर्ट में अधोमानक मिला। इसमें पॉम आयल की मिलावट थी। इन कारोबारियों पर जुर्माना लगा था।
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बाहर से आती हैं तैयार मिठाइयां
जिले में बाहर से डिब्बा बंद मिठाई आती है। जिसकी खपत जिले में ज्यादा है। इसमें बर्फी, पेड़ा, पपड़ी, गुझिया, रसगुल्ला, लाल मोहन शामिल है। यह मिठाई 160 से 180 रुपये किलो तक मिलती है। यहां आने के बाद इसका भाव 260 से 320 रुपये हो जाता है, जिससे व्यापारियों काे काफी फायदा होता है। इसमें उन्हें कारीगर नहीं रखने पड़ते हैं और खर्च बचता है।
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सस्ते के चक्कर में डालते हैं सिंथेटिक कलर
मिठाई की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि कुछ लोग मिठाई में सस्ता कलर डालते हैं। जो खाद्य कलर आता है वह आठ सौ रुपये किलो होती है, लेकिन पैसा बचाने के चक्कर में 200 रुपये किलो वाला कलर डालते हैं। जो सेहत के लिए हानिकारक होता है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान

सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
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मिठाई व पनीर में मिलावट सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसमें अगर केमिकल युक्त कलर मिला हुआ है तो वह सीधे लीवर पर असर डालता है। पेट के लिए भी इस तरह के केमिकल नुकसानदायक होते हैं। मिलावटी मिठाई किडनी, लीवर, पेट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। ऐसे में इसकी खरीदारी करते समय सतर्कता जरूर बरतें।
-डॉ. एसडी ओझा, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
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लगातार अभियान चलाया जा रहा है। छेना, मिठाई, पनीर और खोवा का सैंपल लेकर जांच के भेजा गया है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। लोग खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय सावधानी बरते। जान पहचान की दुकान से ही इसकी खरीदारी करे। शनिवार को शहर की एक दुकान से 20 किलो दूषित मिठाई बरामद हुई थी, जिसे नष्ट कराया गया था। इस वजह से सतर्कता जरूरी है।
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-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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