- जिला अस्पताल में बीपी व शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ी
- चिकित्सकों की सलाह, अधिक बीपी से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, नियमित कराए जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे बीपी और शुगर के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बीपी और शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना 50 से 60 मरीज बीपी और शुगर बढ़ने की समस्या को लेकर आ रहे हैं। इमरजेंसी में भी बीपी और शुगर के गंभीर मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के माने तो अधिक बीपी बढ़ने से ब्रेन स्ट्राेक का खतरा हो सकता है।
रविवार को जिला अस्पताल की ओपीडी बंद रही। इमरजेंसी में खलीलाबाद निवासी 65 वर्षीय माधुरी देवी को परिजन गंभीर हालत में लेकर पहुुंचे। चिकित्सक ने जांच में पाया कि माधुरी का बीपी 200 था। इसी तरह बीपी, शुगर के कई मरीज पहुंचे। औसत 1200 मरीजों की ओपीडी गिरकर 400 से 600 तक पहुंच गई है। लेकिन बीपी और शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के पास रोजाना 50 से 60 मरीज बीपी और शुगर की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
परामर्श चिकित्सक डॉ. फराज ने बताया कि धूप और गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने से भी बीपी व शुगर बढ़ता है। अधिक बीपी से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। गर्मी में लोगों की नींद नहीं पूरी हो रही है। रात में कई बार नींद टूटने से भी बीपी और शुगर बढ़ सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
नियमित बीपी और शुगर की जांच कराते रहें।
गर्मी से बचने के लिए नींबू पानी पीते रहें।
मौसमी फल और सब्जियों को खाएं।
लगातार पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
तेल मसाला और तलाभुना खाने से बचें।
लू से बचे, धूप में कम निकलें।
नमक के अधिक सेवन से बचे
तापमान बढ़ने से बीपी और शुगर की मरीजों की संख्या बढ़ी है। सतर्क रहने की जरूरत है। पर्याप्त नींद लें और बीपी और शुगर के मरीज नियमित जांच कराते रहें। रक्तचाप अधिक बढ़ने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। वृद्धों का विशेष ख्याल रखें। लू से बचाव करें।
- डॉ. रमाशंकर सिंह, वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक, जिला अस्पताल