- प्राकृतिक स्नान के दौरान स्रावित होता है डोपामाइन हार्मोंन
- बरसात में वायरल और वैक्टीरियल इंफेक्शन भी होना का खतरा रहता है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तपती गर्मी के बाद बारिश में भीगना सभी को अच्छा लगता है। कुछ लोग तो इतने खुश होते हैं कि बाइक लेकर शहर घूमने निकल जाते हैं। यह खुशी मिलती है खास किस्म के हार्माेंस डोपामाइन के चलते। इसे न्यूरोट्रांसमीटर भी कहा जाता है जो मस्तिष्क के न्यूरॉन्स द्वारा तब रिलीज किया जाता है जब आप कुछ आनंददायक या लाभकारी करते हैं। लेकिन, बरसात में यह अत्यधिक खुशी कई बार मुश्किल में भी डाल देती है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वायरल और वैक्टीरियल इंफेक्शन अधिक होता है। इसके अलावा सिर व शरीर ज्यादा देर तक गीला रहने पर सर्दी-खांसी, बुखार का भी खतरा रहता है। इसलिए थोड़ी देर भीगकर खुश हो लें और फिर साबुन से नहाकर सूखे कपड़े पहन लें, जिससे कि स्वास्थ्य अच्छा बना रहे।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामशंकर सिंह बताते हैं कि डोपामाइन एक हार्मोन के रूप में रक्तप्रवाह में छोड़ा जाता है। इसकी कम मात्रा जहां व्यक्ति को शिथिल बनाती है, वहीं अधिक मात्रा होने पर शरीर से सोडियम को बाहर निकलने लगता है। डोपामाइन को अच्छा महसूस कराने वाला हार्मोन कहा जाता है। यह आपको खुशी का एहसास कराता है। जब आप खुशी महसूस कर रहे होते हैं तो यह आपको कुछ करने की प्रेरणा भी देता है। बारिश में नहाना नेचुरल बाथ एक्टीविटिज माना जाता है। सामान्य दिनों में भी आप ठंडे पानी से स्नान करें और गर्म पानी से स्नान करें तो ठंडे पानी से स्नान से अधिक सुखद एहसास होगा। इसी प्रकार बारिश के पानी में नहाने से भी प्रसन्नता देने वाला हार्माेन स्रावित होता है। इसके सकारात्मक असर के चलते तनाव घटता है।
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पानी साफ नहीं है तो तत्काल होगा संक्रमण
स्किन विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम बताते हैं कि बारिश के पानी में नहाना अच्छी बात है, लेकिन यह ध्यान भी रखना होगा कि अधिक देर तक भीगने पर शरीर को इसका नुकसान भी उठाना पड़ता है। बहुत से लोग ऐसे मौसम में तालाब, नदी में नहाने लगते हैं। वहां बारिश के पानी के साथ बहुत सारी गंदगी बहकर जमा होती है। ऐसे में अगर कोई पुराना जख्म है तो उसमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। गीले कपड़े अधिक देर तक पहने रहने पर एलर्जी की वजह से खुजली होने लगती है। इसलिए बारिश के पानी में नहा रहे हैं तो बाद में साबुन से शरीर को अच्छी तरह से साफ कर लें। ज्यादा देर तक गीले कपड़े न पहनें।