संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के लंबे संघर्षों के बाद जीपीएफ भुगतान को लेकर माध्यमिक शिक्षकों को राहत मिली। संगठन के प्रयास से जिला विद्यालय निरीक्षक बस्ती ने संतकबीरनगर जीपीएफ खाते में तीन करोड़ रुपये की धनराशि अंतरित की है।
इस धनराशि से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, संस्कृत माध्यमिक विद्यालय एवं संस्कृत महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के जीपीएफ का भुगतान हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार जिला विद्यालय निरीक्षक संतकबीरनगर ने अंतरिम व्यवस्था बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक बस्ती से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए दो करोड़, संस्कृत माध्यमिक विद्यालय एवं संस्कृत महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कुल तीन करोड़ की मांग की थी, जिसे कोषागार में भेज दिया गया है। जनपद विभाजन से पहले संतकबीरनगर जनपद के जीपीएफ ब्याज का 68 करोड़ 96 लाख 62 हजार रुपये बस्ती कोषागार में फंसा पड़ा है।
प्रकरण को लेकर विधान सभा से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तक घमासान मचा हुआ है। मामले में शासन ने भी जवाब दे ही तय करने के लिए विभाग को पत्र लिखा था। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि प्रकरण को लेकर 2016 से संघर्ष कर रहा है। संघर्षों के दम पर 2020 में पांच करोड़ रुपये बस्ती कोषागार से लेकर आया था, जिससे अब तक भुगतान हो रहा था। अब वह भी खत्म हो गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि अंतरिम व्यवस्था बनाने के लिए बस्ती से तीन करोड़ रुपये मंगाया गया है। इससे तत्कालीन समस्या का समाधान हो जाएगा लेकिन अभी हमें 68 करोड़ 96 लाख 62 हजार की दरकार है।