नोट बंदी के 24 वें दिन भी जिले में हालात सामान्य नहीं हुए। हाल यह है कि कैश की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्राें के अधिकांश एटीएम बंद हैं। जबकि पूर्वांचल बैंक की 51 में से 18 शाखाएं शुक्रवार को भी बंद रहीं। उधर, दो दिन से एसबीआई की धनघटा शाखा आ रहे लोगों का सब्र कैश न होने की जानकारी पर जवाब दे गया और लोगों ने बैंक के बाहर ताला लगाकर मार्ग पर जाम लगा दिया। बैंक के भीतर मौजूद पुलिसकर्मियों की सूचना पर पहुंचे एसओ ने ताला तुड़वाकर शटर खुलवाया और लोगों को मना जाम। बाद में बैंक द्वारा लोगों को टोकन बांटा गया, लेकिन देर शाम बैंक बंद होने तक कैश न आने से लोगों को रकम नहीं दी जा सकी। वहीं शाम करीब साढ़े सात बजे पीएनबी की उमरिया बाजार शाखा को लोगों ने कर्मियों को बैंक बंद करने से रोक दिया और धनघटा-बिडहर घाट मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस के पुलिसकर्मियों के समझाने पर लोग माने। लीड बैंक के मैनेजर ने बताया कि जिले को 10 करोड़ मिले हैं। शनिवार को यह रकम सभी बैंकों में बांटी जाएगी।
कैश की किल्लत से जूझ रहे पूर्वांचल बैंक ने 33 शाखाओं में दो-दो भिजवाकर बैंक खुलवाया, लेकिन कुछ ही देर में यह रकम खत्म हो गई।पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक बृज मोहिनी द्विवेदी ने बताया कि कैश की कमी के कारण 18 शाखाओं को बंद करना पड़ा। अन्य शाखाओं पर दो-दो लाख उपलब्ध कराया गया, जिससे भुगतान हुआ। डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही कैश मिल जाएगा, जिससे शाखाओं पर नियमित लेनदेन होगा। दूसरी तरफ स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर लेनदेन हुआ, लेकिन विकास भवन स्थित बैैक की शाखा पर कैश न होने के कारण किसी को भी भुगतान नहीं दिया गया। यहां लगा बैैक का एटीएम भी बंद चल रहा है। लीड बैंक के मैनेजर केजी तिवारी ने बताया कि कैश की है, जिसे देखते हुए सौ करोड़ की डिमांड आरबीआई को भेजी गई है।
वैसे शहर के एक्सिस बैंक, पीएनबी, बैक आफ इंडिया, एचडीएफसी, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स आदि बैैंकों में लेनदेन हुआ। जहां तक एटीएम की बात है तो स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा का एटीएम बंद रहा तो स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के तीन एटीएम में मात्र एक एटीएम ने ही काम किया। एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के एटीएम पर भी लंबी लाइन लगी रही। लोगों को दो से तीन घंटे लाइन में लगकर कैश निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम भी बंद रहा।
सांथा प्रतिनिधि के अनुसार पूर्वांचल बैंक बौरब्यास पर ताला लटका रहा। यहां भुगतान लेने आए ग्रामीण विद्या प्रसाद शुक्ला , डॉक्टर एके राय ,मुहम्मद हनीफ ,सत्यदेव शुक्ला ,सुरेश उपाध्याय ,योगेंद्र पाडेय आदि लोगों ने बताया कि बैंक कर्मी मनमाने ढंग से दो दिनों से बैंक पर ताला जड़कर गायब हैं। हम ग्रामीणों का न तो पैसा जमा किया जा रहा है और न ही भुगतान किया जा रहा हैं। इस संबंध मे शाखा प्रबंधक ने बताया कि कैश की कमी के करण बैंक बैंद हैं ।कैश उपलब्ध होते खाता धारकों का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
हैंसर, प्रतिनिधि के अनुसार, गुरुवार को एसबीआई की धनघटा ब्रांच द्वारा कैश का वितरण नही किया गया था। शुक्रवार को रुपये मिलने के उम्मीद के साथ लोग दस बजते ही बैंक पर जमा हो गए। ब्रांच मैनेजर ने जब कैश न होने की बात कहते हुए नकदी भुगतान करने में असमर्थता जाहिर की तो वहां मौजूद महिलाएं एवं पुरुष बिफर पड़े। बाहर हल्ला मचाने लगे तो थाने से एक दरोगा और सिपाही वहां पहुंच गए। बाहर लोगों को समझाने बुझाने के बाद जब दरोगा व सिपाही सवा दस बजे बैंक के अंदर गए तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बाहर से बैंक में ताला जड़ दिया।
अंदर पुलिस कर्मियों समेत बैंक कर्मियों को कैद किए जाने की सूचना दरोगा ने थाने पर दी। सूचना पाकर इंसपेक्टर ईश्वरचंद्र प्रधान मय फोर्स बैंक पर पहुंचे और करीब पौने बारह बजे बैंक के अंदर कैंद लोगो को आजाद करने के लिए बाहर लगे ताला को तुड़वाया। उसके बाद बैंक के अंदर मौजूद लोग बाहर निकल सके। दूसरी तरफ बैंक में ताला बंद करने के बाद पूर्वाह्न 11 बजे के करीब लोग धनघटा चौक पर जाकर जाम लगा दिए।
जाम करीब एक बजे तब समाप्त हुआ जब इंस्पेक्टर ने लोगो को काफी समझाकर शांत कराया। उसके बाद लोग पुन: बैंक पर पहुंच गए। भीड़ के गुस्सा को शांत करने के लिए बैंक द्वारा लोगों में टोकन बांटा गया और कहा गया कि शाम तक कैश आने पर भुगतान कर दिया जाएगा। शाखा प्रबंधक डीएस त्रिपाठी ने कहा कि कैश नही मिल रहा है तो भुगतान कहां से किया जाए। कैश आने की उम्मीद है जिसे वितरण करने के लिए 200 लोगों में टोकन का वितरण किया गया है। कैश आने के बाद भुगतान किया जाएगा। शाखा प्रबधंक ने कहा कि एटीएम ठीक है लेकिन पर्याप्त कैश न मिलने के कारण एटीएम में रुपये नही डाला जा रहा है और न ही अभी कोई उम्मीद दिख रही है।
पुन:संशोधित