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एक रुपये के छोटे सिक्के की समस्या

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सरकार को जल्दी खोजना होगा उपाय
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व्यापारी नेताओं ने बैंक प्रबंधकों पर लगाया मनमानी का आरोप
बोले: कई महीने से परेशान हैं व्यापारी, नहीं हो रही सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। एक रुपये के छोटे सिक्कों को लेकर हर कोई परेशान है। अमर उजाला ने अभियान शुरू किया तो लोगों की पीड़ा बाहर आने लगी। खलीलाबाद शहर के प्रमुख व्यापारी भी सिक्कों के बोझ से दबे हुए हैं। वहीं व्यापारी नेता भी इस तरह की शिकायतों से परेशान हैं। इस मुद्दे पर व्यापारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा सरकार को इसका उपाय जल्दी ही करना होगा।
व्यापारी नेता बनर्जी लाल अग्रहरि का कहना है कि नोटबंदी के कुछ दिन बाद से ही सिक्कों की समस्या शुरू हो गई थी। उस वक्त बैंकों ने लोगों को झोला बांधकर सिक्का दिया लेकिन जब वापस लेने का नंबर आया तो स्टाफ की कमी और अन्य समस्याएं गिनाने लगे। अब सिक्का बाजार में है तो उसका उपाय भी बैंक और सरकार को ही खोजना पड़ेगा।
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व्यापार मंडल के पदाधिकारी अमित जैन बताते हैं कि छोटे व्यापारी सिक्कों की समस्या लगातार बता रहे हैं। कई बार बैंक प्रबंधकों से वार्ता कर सिक्कों को जमा कराने का प्रयास किया गया। कुछ जगह आसानी से जमा भी हुए लेकिन कई बार बैंक प्रबंधन के अड़ियल रुख के चलते विवाद तक की नौबत आई। परंतु इस समस्या का अब तक समाधान नहीं होना चिंताजनक है।
व्यापारी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि अगर सिक्का बैंक में जमा नहीं होगा तो व्यापारी उसे ग्राहक से कैसे लेगा। इसको लेकर आए दिन विवाद हो रहा है। इसका सर्वाधिक असर छोटे व्यापारियों पर है। बेचारे सिक्का लेते हैं तो जमा करने की दिक्कत है और नहीं लेते हैं तो ग्राहकों से झगड़ा होता है। सिक्कों को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति जारी करनी चाहिए।
व्यापारी अर्जुन का कहना है कि एक रुपये के छोटे सिक्कों को ही लेकर लगातार दिक्कत बनी हुई है। अगर बैंक आसानी से इसे जमा करने लगें तो व्यापारियाें को भी सिक्का लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी। सिक्का जमा करने जाने पर बैंक प्रबंधन सीधे मना तो नहीं करता लेकिन आसानी से जमा भी नहीं होता है। दुकानदार न तो बैंक कर्मी से विवाद करना चाहता है और न ही ग्राहक से।
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अपने खाते में जमा करें सिक्का : एलडीएम
लीड बैंक मैनेजर गिरीश चंद्रा का कहना है कि सिक्कों को लेकर लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हर बैंक को इसके लिए आरबीआई की तरफ से दिशा निर्देश मिला हुआ है। अपने खाते में एक हजार रुपये तक का सिक्का प्रत्येक व्यक्ति हर दिन जमा कर सकता है। अगर किसी का सिक्का जमा नहीं हो रहा है तो संबंधित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकता है।
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