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चौदहवें वर्ष भी मुसहरा में नहीं मनी बकरीद

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बकरीद के अवसर पर मुसहरा गांव में शांति व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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चौदहवें वर्ष भी मुसहरा में नहीं मनी बकरीद
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वर्ष 2007 में हुए विवाद के बाद नहीं बन पाई सहमति
सुरक्षा के मद्देनजर छावनी में तब्दील हुआ गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। क्षेत्र के मुसहरा गांव में चौदहवें वर्ष भी आपसी सहमति न बन पाने के कारण बकरीद नहीं मनी। सतर्कता व सुरक्षा के बीच लोगों ने अपने घरों में नमाज अदा की। सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी और सीओ अंबरीष भदौरिया के साथ काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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धर्मसिंहवा क्षेत्र के मुसहरा गांव में कुर्बानी का त्योहार आते ही उच्चाधिकारियों की बैठकें होने लगती हैं। दोनों वर्ग अपना-अपना पक्ष रखते हैं लेकिन चौदह वर्ष बीत जाने के बाद भी आपसी सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में इस बार भी गांव के लोगों ने कुर्बानी का त्योहार नहीं मनाया। गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे। इसके लिए मंगलवार से ही यहां पर काफी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद हैं। कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसको लेकर पुलिस ने दोनों संप्रदायों से कुल 41 लोगों को शांतिभंग में पाबंद किया है। सीओ अंबरीष भदौरिया ने बताया कि मंगलवार को को राजस्व कर्मियों व पशु चिकित्सक की मौजूदगी में लोगों के घरों से तेरह बकरे निकलवाकर गांव में स्थित एक मदरसे में सुरक्षित रखवा दिया गया है। बताया कि पुलिस अभिलेखों में इस गांव में कुर्बानी की परंपरा नहीं रही है और 2007 में कुछ लोगों द्वारा कुर्बानी कर देने पर विवाद उपज गया था। तब से शांति व्यवस्था के लिए यहां पुलिस सतर्क दृष्टि रखती है। बुधवार को गांव में सुरक्षा के बीच पांच अकीदतमंद लोगों ने मस्जिद में नमाज अदा की और शांतिपूर्वक चले गए। जबकि अन्य लोगों ने अपने-अपने घरों में नमाज अदा की। एसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि तीसरे दिन शाम को सभी के बकरे उन्हें सुपुर्द कर दिए जाएंगे।
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