न्यायालय सत्र न्यायाधीश ने जमानत अर्जी की निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट ने मृत व्यक्ति के स्थान पर खड़ा होकर फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्ति की जमानत प्रार्थनापत्र सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित उर्मिला देवी पत्नी विष्णु प्रताप सिंह ग्राम बयारा थाना खलीलाबाद ने कोर्ट में तहरीर दी कि वह और उसके पति के भाई की पत्नी प्रेमशीला जमीन लेना चाहती थी। जिगिना थाना धनघटा निवासी किशुन देव पुत्र ढुल्लू पांडे उर्फ धुल्लुर पांडेय ने बताया कि उसके गांव के श्यामदेव पुत्र राम लखन अपना खेत बेच रहे हैं। श्यामदेव ने अपनी संयुक्त जमीन में से 1/8 भाग अपना हक व हिस्सा दो लाख रुपये लेकर आठ जून 2021 को निबंधन कार्यालय धनघटा में निष्पादित कर दिया। इस पर मध्यस्थता करने वाले किशुन देव के लड़के अभिषेक व दूसरे गवाह अभिषेक पुत्र मूलचंद निवासी जिगिना हाशिए के गवाह हैं। उक्त किशुन देव ने तमेसर से मिलवाया कहा कि यह अपना खेत बेच रहे हैं और एक लाख पैंतीस हजार रुपये लेकर 30 जुलाई 2021 को उपनिबंधक कार्यालय धनघटा में बैनामा निष्पादित किया गया। इसमें किशुन देव के लड़के अभिषेक तथा दूसरे गवाह अभिषेक पुत्र मूलचंद हैं। आरोप लगाया कि इसी प्रकार मोती लाल से मिलवाया। मोती लाल ने अपनी जमीन को तीन लाख पच्चीस हजार रुपये लेकर आठ जून 2021 को बैनामा उप निबंधक कार्यालय धनघटा में निष्पादित कर दिया। उसमें भी वही गवाह है।
एक अगस्त 2021 को पीड़ित खेत की जुताई के लिए ग्राम जिगिना पहुंची तो पता चला कि जिस श्याम देव की जमीन थी, उसने बैनामा नहीं किया और न ही अन्य दोनों बैनामा असली विक्रेता द्वारा बेचा गया है। जमीन बेचने की मध्यस्थता करने वाले किशुन देव उनके लड़के अभिषेक, अभिषेक पुत्र मूलचंद निवासी ग्राम जिगिना थाना धनघटा अपने को श्याम देव, तमेसर, मोतीलाल प्रतिरूपित कर दूसरे व्यक्ति का फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाकर सभी लोग दूसरे की जमीन बिना किसी अधिकार के बैनामा कर पीड़ित व प्रेमशीला के साथ ठगी की है।
कोर्ट के आदेश पर थाना धनघटा में किशुन देव व पांच अन्य आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ था। विवेचक ने विवेचना के बाद अन्य आरोपियों के साथ आरोपी दयाराम के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसका विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी ने मृतक श्यामदेव के स्थान पर स्वयं खड़ा होकर फर्जी रजिस्ट्री की है। कोर्ट ने अपराध को गंभीर मानते हुए तथा तथ्य और परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी दयाराम पुत्र राम राज निवासी दुधारा कला थाना धनघटा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।