- मेंहदावल के खजुरा कला का मामला
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने हत्या करके अपराध के साक्ष्य को नष्ट करने के आरोपी देवर आशीष और ननद वंदना की जमानत निरस्त कर दी है। चेतराम ग्राम चकदह थाना कैंपियरगंज गोरखपुर ने अपनी पुत्री का विवाह मेंहदावल थाना अंतर्गत ग्राम खजुरा कला में किया था। पीड़ित ने थाना मेंहदावल में इस बात की तहरीर दिया था कि 26 मार्च 2026 को उनकी अपनी पुत्री से बातचीत हुई थी, तब वह पुत्री बिल्कुल ठीक थी। अगले दिन 27 मार्च 2026 को किसी अन्य के द्वारा यह पता चला कि उनकी लड़की की मृत्यु हो गई है। जब वह अपनी लड़की के गांव पहुंचे तो थोड़ी देर इंतजार करने के बाद पता चला की लड़की के शव को आरोपियों ने मोटरसाइकिल पर लादकर पटीदार के साथ जलाने ग्राम खजुरा के घाट पर गए हैं। जब तक घाट पर पहुंचे तब तक लाश पूरी तरीके से जल चुकी थी। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार परआरोपी देवर आशीष और ननद वंदना निवासी ग्राम खजुरा कला थाना मेंहदवाल की जमानत निरस्त कर दिया है।