संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि पीड़ित पिता ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें कहा कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को छह अप्रैल 2022 को घर से गोरखपुर का आरोपी कहीं भगा ले गया। तलाश करने पर उनकी बेटी नहीं मिली। जांच पड़ताल करने के बाद कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया।
आरोपी ने कोर्ट में ज़मानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया और कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई जुर्म नहीं किया है। 11 नवंबर को जिला विवाह अधिकारी संत कबीरनगर के यहां विवाह पंजीकरण संबंधी अवेदन किया है तब से बतौर पति- पत्नी रह रहे हैं। वह 30 जून से जिला कारागार में निरुद्ध है।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया। पीड़िता ने अपने बयान में कथन किया कि वह छह अप्रैल को चौराहे पर अपने घर से पैदल गई। आरोपी ने फोन करके बुलाया और गोरखपुर ले गया। वहां से मुंबई ले जाकर 7/8 महीने साथ रहा। बेटी आठ माह की गर्भवती है। इस पर कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी।