संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह ने हत्या के प्रयास का झूठा केस दर्ज कराने वाले आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक आशीष प्रसाद पांडेय ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के रेक्सा कोल तेनूडाड निवासी प्रिंस यादव ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी कि तीन अप्रैल की रात 10 बजे उसके सिपाही भाई अमित यादव अपने साढू आर्मी जवान सुरेंद्र यादव निवासी फुलवरिया के घर गए थे।
आरोप है कि पारिवारिक विवाद में साढू ने उसके सिपाही भाई को गोली मार दी। अपने भाई को घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना में सुरेन्द्र यादव के साथ एक आदमी और शामिल था। जिसका नाम बाद में जानकारी करके बताएगा। तहरीर के आधार पर सुरेन्द्र यादव के विरुद्ध हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने साक्ष्य के आधार पर हत्या के प्रयास की धारा का विलोप कर दिया तथा साक्ष्य न होने के कारण नामजदगी गलत पाई गई। अभियुक्त अमित यादव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है। अभियुक्त प्रिन्स यादव और सह अभियुक्त के विरुद्ध विवेचना प्रचलित है । कोर्ट ने समस्त पुलिस प्रपत्रों का अवलोकन किया तथा प्रेषित आख्या का अवलोकन किया।
विशेष लोक अभियोजक ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जान बूझकर मिथ्य साक्ष्य गढ़ने, हत्या का प्रयास किया। अपराध की गम्भीरता को देखते हुए आरोपी प्रिन्स यादव की अग्रिम जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी।