संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी से दुष्कर्म करने और गर्भ ठहरने पर उसका गर्भपात कराने के मामले के आरोपी की ज़मानत अर्जी निरस्त कर दिया। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि धनघटा क्षेत्र की पीड़िता की मां ने धनघटा थाने में तहरीर दिया। जिसमें कहा कि उसकी 15 वर्षीय बेटी कक्षा आठ तक पढ़ी है। उसकी बेटी का अवैध संबंध गांव के ही आरोपी से करीब पांच माह पूर्व जबरदस्ती हो गया। लोक लज्जा के कारण बेटी ने हम लोगों को नहीं बताई। जब बेटी को जानकारी हुई कि उसे गर्भ रुक गया है तो आरोपी को बताई। आरोपी 20 जून 2023 को गर्भ गिराने की दवा उसकी बेटी को दे दिया। 22 जून को उसकी बेटी का गर्भ गिर गया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी ने कोर्ट में जमानज अर्जी प्रस्तुत किया। विशेष लोकअभियोजक फौजदारी की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया।कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दिया।