संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने सड़क जाम करने और एसओ पर प्राण घातक हमला करने के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि दो जून 2017 को उप निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह ने धनघटा थाने में तहरीर दी। कहा कि क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार, एसडीएम धनघटा राम जीवन व खनन अधिकारी सुनील कुमार मौर्य के साथ वह सूचना पाकर छपरा मगरवी टोला मदरहा के पास पहुंचे। जहां पट्टा के अनुसार बालू खनन का कार्य न होने देने की बात पर ग्रामीण रोड जाम कर विरोध कर रहे थे। मौके पर पहुंचने पर मौजूद ग्रामीण राजमन व 50 अन्य एक राय होकर लाठी डंडा भाला फरसा से लैस होकर एकाएक उत्तेजित होकर पुलिस बल तथा अधिकारीगण को घेर लिए तथा अप शब्द कहते हुए ईंट-पत्थर चलाकर मारने लगे। सभी अधिकारीगण व पुलिस बल संयम बढ़ाते हुए बचाव करने लगे। इतने में आरोपियों ने ललकारते हुए एसओ शहाबुद्दीन को पकड़ लिया तथा हत्या की नीयत से बुरी तरह मारने लगे। उनके बाएं पैर की हड्डी टूट गई। पूरे शरीर में प्राण घातक चोटें आईं। मुंह से खून आ गया। बचाव करने सीओ धनघटा व कांस्टेबल अविनाश कुमार पहुंचे तो उन्हें भी आरोपी मारने लगे तथा दो मोबाइल सेट छीन लिए। ईंट-पत्थर चलाकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वाहन के शीशे तोड़ दिए। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। आरोपी अमरनाथ ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सत्र न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने का पर्याप्त आधार नहीं पाया और आरोपी अमरनाथ का प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।