संतकबीरनगर। धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास की मुहिम के तहत धनघटा क्षेत्र के बैजूधाम व सांथा के हनुमान गढ़ी व रामजानकी मंदिर को विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन ने करीब एक करोड़ 80 लाख का बजट अवमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था रूप में सीएनडीएस को नामित किया है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। कार्य होने के बाद यहां पर्यटक आएंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिसका सीधा लाभ आसपास के लोगों को मिलेगा।
धनघटा तहसील क्षेत्र के पूर्वी छोर पर कुआनो नदी के किनारे गोरखपुर जिले की सीमा पर स्थित बाबा बैजनाथ शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मुगल काल से पहले से स्थापित इस प्राचीन मंदिर में महाशिवरात्रि, सावन माह और प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु जलाभिषेक कर मन्नत मांगते हैं। यहां पर गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती आदि जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर परिसर में चहारदीवारी, सार्वजनिक शौचालय, बिजली आदि की समस्या है। इस समस्या को दूर करने और पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए 91.55 लाख रुपये अवमुक्त किए है।
इसके साथ ही सांथा क्षेत्र के हनुमानगढ़ी और रामजानकी मंदिर के पर्यटकीय विकास के लिए भी 86.80 लाख रुपये का बजट अवमुक्त हुआ है। पर्यटन विभाग की तरफ से इसके विकास के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए थे। एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। परिसर में मेला भी लगता रहा है। इन दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं के छाजन कार्य, पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था, परिसर में सीसी रोड व इंटरलाकिंग के साथ पथ प्रकाश की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की तैयारी चल रही है।
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बढ़ेंगे पर्यटक, लोगों को मिलेगा रोजगार
धनघटा क्षेत्र के बैजूनाथ धाम व सांथा के हनुमानगढ़ी मंदिर व राम जानकी मंदिर को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित होने पर यहां श्रद्धालुओं के साथ ही पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे आस-पास व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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शासन ने बैजूनाथ धाम व हनुमानगढ़ी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए बजट अवमुक्त किया है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। इसके बाद विकास के कार्य शुरू कराए जाएंगे। इससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा। -विकास नारायण, पर्यटन अधिकारी
धनघटा के बंसवारी स्थित बाबा बैजनाथ मंदिर की फोटो