संतकबीरनगर। हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र के बभनौली की रहने वाली दिव्यांग युवती की सीएम आवास पाने के लिए भटक रही थी। ब्लॉक का बाबू रजिस्ट्रेशन करने में तमाम तरह की बहानेबाजी कर रहा था। दिव्यांग युवती अपने पिता के साथ विकास भवन पहुंच कर डीआरडीए के परियोजना निदेशक से मिली। परियोजना निदेशक ने तत्काल दिव्यांग युवती का रजिस्ट्रेशन कराया। अब दिव्यांग युवती को सीएम आवास मिलने की उम्मीद जग गई है।
बभनौली गांव की रहने वाली 27 वर्षीय सहबानों पुत्री गफ्फार दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता है। दिव्यांग युवती अविवाहिता है और उसकी चार अन्य बहने भी है। इनके परिवार के पास रहने के लिए मात्र छप्पर है। पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बना है। पिता मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते है। दिव्यांग युवती और उसके पिता ने बताया कि सीएम आवास पाने के लिए कई बार ब्लॉक जा चुके है,लेकिन संबंधित बाबू रजिस्ट्रेशन नहीं कर रहे है। तरह-तरह की बहानेबाजी करके उन्हें घर भेज देते है। आवास मिल जाता तो उसका परिवार बारिश,ठंडी और गर्मी में सुरक्षित रहता। डीआरडीए के परियोजना निदेशक संजय नायक ने बताया कि दोनों आंखों से दिव्यांग युवती और उसके परिवार की दशा देखकर द्रवित हो गए। दिव्यांग युवती को सीएम आवास दिए जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करा दिए। वैसे अभी सीएम आवास का लक्ष्य नहीं आया है। जैसे ही आवास का लक्ष्य मिलेगा,वैसे ही दिव्यांग युवती को प्राथमिकता के तौर पर आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।