महुली। बहन से राखी बंधवाने की खुशियां लेकर घर से निकला आयुष अब कभी वापस नहीं लौटेगा। पौली-अमौली तिराहे पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से उसकी मौत ने दादरी हरदो गांव के एक परिवार के सपनों को तोड़ कर दिया। शनिवार को अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम रही। बेटे की चिता को मुखाग्नि देते समय पिता गुलशन पांडेय बेसुध होकर गिर पड़े।
दादरी हरदो गांव निवासी गुलशन पांडेय के दो बेटों में आयुष बड़ा था। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को आयुष अपनी बहन से राखी बंधवाने के लिए उसके घर जा रहा था। रास्ते में पौली-अमौली तिराहे के पास तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
आयुष परिवार का होनहार बेटा था। पिता ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। बेटे की मौत की खबर ने पिता गुलशन पांडेय को पूरी तरह तोड़ दिया। अंतिम संस्कार के दौरान जब उन्होंने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी तो गम के बोझ से वह बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला।
उधर, घर में मां का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के राखी बंधवाकर लौटने का इंतजार था, उसकी अर्थी घर पहुंची तो परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। बहन भी भाई को याद कर बिलखती रही। गांव के लोगों के मुताबिक आयुष की मौत से पूरा गांव गमगीन है। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा रहा। आयुष की मौत से माता-पिता और बहन ही नहीं, बल्कि पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।