न्यायालय के सभागार में विधिकि जागरुकता व संवेदनशीलता कार्यक्रम । स्रोत - सूचना विभाग
संतकबीरनगर। जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देश पर मंगलवार को न्यायालय सभागार में न्यायिक अधिकारियों का जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित दिशा निर्देशों के संबंध में संवेदनशील किया गया। संवेदनशीलता कार्यक्रम में बताया गया कि यदि किसी अभियुक्त को विवेचना के दौरान विवेचक ने अभिरक्षा में नहीं लिया है और विवेचना के समाप्त होने के उपरांत जब न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है तथा अभियुक्त न्यायालय में समन पर उपस्थित आता है, उस दशा में अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में नहीं लिया जाएगा वरन मात्र व्यक्तिगत बंध पत्र लेकर उसे छोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय उचित समझे तो अग्रिम कार्यवाही में अभियुक्त से प्रतिभू की मांग कर सकता है। अभियुक्त को न्यायालय में सक्षम प्रतिभू दाखिल करना होगा। शिविर में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद तृतीय, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अजय कुमार त्रिपाठी द्वितीय, एडीजे प्रथम रमेश दूबे, एडीजे एससी एसटी भूपेन्द्र राय, एडीजे पॉक्सो कृष्ण कुमार पंचम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी, एसीजेएम संजय राज पांडेय, एसीजेएम एफटीसी सुनील कुमार सिंह, सिविल जज जूडि मिमोह यादव, जेएम भारती तयाल, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड अशोक कुमार कसौधन, अतिरक्त सिविल जज जूडि नरेंद्र कुमार यादव, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय चंदन सिंह, सिविल जज जूडि एफटीसी अभिनव त्रिपाठी उपस्थित रहे।