संतकबीरनगर। जनपद में तीन जगहों पर सीबीजी संयंत्र लगाने के लिए प्रशासन ने शासन को फरवरी में प्रस्ताव भेजा था। इसके लिए जमीन का चिह्नांकन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक शासन की मंजूरी का इंतजार है।
इस पर कुल 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे आसपास के लोगों को भरपूर बिजली मिलने की उम्मीद है। साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। डीएम ने एक बार फिर इसके लिए शासन से पहल की है।
प्रशासन ने कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना के लिए छह माह पूर्व पहल की थी। इसके तहत खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा तहसील में प्लांट की स्थापना के लिए जमीन का चिह्नांकन किया था। खलीलाबाद के परजूडीह में चिह्नित हुई जमीन पर कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना होनी है।
यह प्लांट 10 टन का है। इसके बनने से आसपास के लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होने की उम्मीद है। कचरे व गोबर से इसका उत्पादन होता। इस पर दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन यह योजना अधूरी रह गई है।
इसी तरह से मेंहदावल के अमरहा में 200 करोड़ और धनघटा के बगही में भी 200 करोड़ से बीसीजी संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है। लोगों को उम्मीद है कि यह प्लांट लगेगा तो लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास बिजली की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशासन की मानें तो जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी और काम शुरू हो जाएगा।