संतकबीरनगर। सुनाई देने की दिक्कत और कान के पर्दे की जांच के लिए जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में ऑडियोमेट्री रूम एक साल से तैयार है। लेकिन, ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से ऐसे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इस तरह के प्रतिदिन तीन से चार मरीज ईएनटी विभाग में इलाज के लिए पहुंचते हैं।
राष्ट्रीय बधिरता निवारण और नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के तहत सरकारी अस्पतालों में बहरेपन की समस्या वाले लोगों के इलाज के लिए ऑडियोमेट्री जांच कराई जाती है।
इसके लिए साउंड प्रूफ कमरा होना जरूरी है, ताकि जांच में परेशानी न हो। एक साल पहले जिला अस्पताल के प्रथम तल की ओपीडी में ईएनटी कक्ष के बगल में ऑडियोमेट्री रूम तैयार किया गया।
यह रूम पूरी तरह से साउंड प्रूफ है। नाक, कान और गला विभाग में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें चार से पांच मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें कम सुनाई देने समेत अन्य समस्या रहती है।
इन मरीजों की श्रवण शक्ति की क्षमता जांचने के लिए ऑडियोमेट्री मशीन की आवश्यकता होती है। अस्पताल में यह मशीन उपलब्ध है, लेकिन अब तक चालू नहीं हो सकी है।
कारण, इस मशीन को संचालित करने वाला ऑडियोलॉजिस्ट नहीं है। ऐसे में मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां आने वाले अधिकतर मरीज गोरखपुर इलाज के लिए चले जाते हैं।