संतकबीरनगर। घुटने की समस्या पहले वृद्धों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह युवाओं में भी आम होती जा रही है। घुटने की समस्या को लेकर जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों के पास पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बड़ी है। लेकिन उसमें लगभग दो दर्जन के आसपास युवा शामिल हैं। चिकित्सकों के मुताबिक भागदौड़ भरी जिन्दगी, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, व्यायाम न करना आदि कारण शामिल है।
खलीलाबाद के गोड़ही निवासी 35 वर्षीय विनोद कुमार ने जिला अस्पताल पहुंचकर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एलसी यादव को बताया कि पिछले कुछ माह से उसके घुटने में दर्द हो रहा है। सीढ़ी चढ़ने उतरने पर दर्द बढ़ जाता है। चिकित्सक ने परामर्श देते हुए एक्सरे कराने की सलाह दिया। यह पीड़ा केवल विनोद की नहीं है। ऐसे लगभग दो दर्जन युवक युवतियां रोज घुटने और जोड़ों के दर्द को लेकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक हड्डी रोग के लगभग दो सौ के ओपीडी में 60 फीसदी मरीज घुटने की समस्या को लेकर आते हैं। इसमें 40 से 50 वर्ष के युवा पुरुष व महिलाएं शामिल हैं।
हड्डी रोग विशेषज्ञों के मुताबिक भाग दौड़ भरी जिन्दगी, अनियमित दिनचर्या, शरीर में विटामिन डी कमी, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, व्यायाम न करने, शरीर का वजन बढ़ने आदि से हड्डी कमजोर हो रहा है। इससे घुटने की समस्या बढ़ रही है। युवाओं के घुटने की समस्या का एक कारण भाग दौड़ या किसी कारण से चोट आदि से भी दिक्कत आती है।
- सावधानी से घुटनों की करें रक्षा
घी, चीनी और चिकनाई कम खाए।
संतुलित आहार लें।
खाने में कैल्शियम की मात्रा पर्याप्त रखें।
साग सब्जी अवश्य खाएं।
थोड़ा बहुत नियमित व्यायाम करें।
प्रात: धूप के सेवन से विटामिन डी प्राप्त करें।
शराब व धुम्रपान से बचाव करें।
उठने बैठने की आदत सुधारें।
हड्डी रोग के ओपीडी में घुटनों की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों में लगभग 20 फीसदी युवा हैं। इनमें अनियमित दिनचर्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, विटामिन डी की कमी के अलावा किसी तरह के चोट के कारण भी घुटने में समस्या होती है। जो एक्सरे और अन्य जांच के बाद पता चलता है। कुछ सावधानियां अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। घुटने की समस्या होने पर शीघ्र चिकित्सक से सलाह लेकर समस्या को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
-डॉ एल सी यादव
हड्डी रोग विशेषज्ञ