सेमरियावां। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की ई-केवाईसी हो रही है। ईकेवाईसी होने पर पात्र मजदूरों की हाजिरी लगेगी और उसी को मजदूरी मिलेगी। मजदूरों के जॉब कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से लिंक होंगे। आंखों को मैच करके ही मजदूर की हाजिरी लगेगी और मजदूरी का भुगतान होगा। बिना ईकेवाईसी कराए मजदूर की हाजिरी नहीं लगेगी और फर्जी मजदूरों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। मनरेगा में वर्तमान में इन ग्राम पंचायतों में 20035 सक्रिय मजदूर हैं। इन सभी की ईकेवाईसी कराई जा रही है। पहले से ही मजदूरों का आधार उनके मोबाइल नंबर से लिंक है। अब मजदूरों के जॉब कार्ड, बैंक खाता भी आधार और मोबाइल नंबर से लिंक होंगे।
ब्लाॅक में मजदूरों की ईकेवाईसी कराने का काम तेजी से चल रहा है। मजदूरों की ईकेवाईसी होने पर मजदूरों की हाजिरी लगाने में पारदर्शिता आएगी। अब मजदूर की आंखों को मैच करके ही हाजिरी लगेगी। अगर आंखें मैच नहीं करेंगी तो मजदूर की हाजिरी नहीं लगेगी। इससे फर्जी मजदूरों की न तो हाजिरी लग पाएगी और न ही उन्हें बिना काम किए मजदूरी ही मिल पाएगी।
बता दें कि काम आवंटन के समय मजदूर का नाम मस्टररोल में नहीं आ पाएगा। ग्राम रोजगार सेवक और पंचायत सेक्रेटरी ईकेवाईसी कर रहे हैं। ईकेवाईसी होने पर आधार में जो फोटो है उससे मजदूर की आंख मैच करके ही हाजिरी लगेगी। ब्लाॅक के जिम्मेदारों के मुताबिक मनरेगा में मजदूरों की ईकेवाईसी कराई जा रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द ही शत प्रतिशत मनरेगा मजदूरों की ईकेवाईसी हो जाए। अब तक करीब 93 प्रतिशत ईकेवाईसी हो चुकी है।
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1.38 घनमीटर खोदनी होती है मिट्टी
मनरेगा मजदूर को 1.38 घनमीटर मिट्टी की खोदाई एक दिन में करनी होती है। मनरेगा मजदूर को एक दिन में करीब 252 रुपये मजदूरी मिलती है। इस पैसे से मजदूर का घर चलता है।
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सेमरियावां ब्लाॅक में इस समय मनरेगा में 20035 मजदूर सक्रिय हैं। 18780 मजदूरों की ई-केवाईसी हो चुकी है। शेष सभी मजदूरों की ईकेवाईसी कराई जा रही है। मजदूरों के आधार उनके मोबाइल से पहले से लिंक है अब उनके जॉब कार्ड को आधार और मोबाइल से लिंक कर ईकेवाईसी कराई जा रही है। मजदूरों की आंखों को मैच करके ही उनकी हाजिरी लगेगी और मजदूरी मिलेगी। इससे योजना में पारदर्शिता आएगी और मजदूर की ईकेवाईसी न होने पर काम आवंटन में मस्टररोल में नाम नहीं आएगा। आधार में जो फोटो है उससे मजदूर की आंख मैच करके ही हाजिरी लगेगी। ईकेवाईसी करने में धामपुर सबसे आगे हैं।
-अतुल जायसवाल, मनरेगा एपीओ, सेमरियावां