नोट बंदी के 23 वें दिन भी जिले में हालात सामान्य नहीं हुए। हाल यह है कि कैश की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्राें के अधिकांश एटीएम बंद हैं, वहीं नगर में भी सात एटीएम बृहस्पतिवार को बंद रहे। जबकि पूर्वांचल बैंक की 35 शाखाएं बंद रहीं। 14 शाखाएं भी सिर्फ कुछ घंटे के लिए खुलीं। वहीं सेमरियावां की पीएनबी शाखा पर धक्का मुक्की के कारण एक महिला बेहोश हो गई। कैश न होने के कारण ही इलाहाबाद बैंक की लोहरौली शाखा में भुगतान नहीं हुआ, एसबीआई बाघनगर कैश न होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया, जबकि भारतीय स्टेट बैंक सेमरियावां का ताला काफी देर बाद खुला।
विकास भवन की एसबीआई शाखा, मुख्य ब्रांच, कृषि शाखा में केवल लेनदेन हुआ। इन शाखाओं के चार एटीएम बंद रहे। सेमरियावां में स्थित पीएनबी बैंक पर भुगतान के लिए कतार में दो उपभोक्ताओं के बीच हाथापाई हुई। बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचा, जहां सुलह समझौता कर लिया। इलाहाबाद बैंक लोहरौली में कैश नहीं होने से भुगतान नहीं हो पाया। शाखा प्रबंधक राणा प्रताप सिंह ने बताया कि कैश नहीं मिल पाया, जिसकी वजह से दिक्कत हुई।
पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक वृज मोहिनी द्विवेदी ने बताया कि कैश की कमी से दूसरे दिन भी35 शाखाएं बंद रही। लगातार डिमांड की जा रही है और कैश नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को उम्मीद है कि कैश मिलेगा तो शाखाएं खुलेगी। लीड बैंक मैनेजर के जी तिवारी ने बताया कि कैश का अभाव बरकरार है। आरबीआई से डिमांड की गई 100 करोड़ की धनराशि यदि मिल जाती तो 25 दिन समस्या नहीं होती, लेकिन कैश नहीं मिल पा रहा है। दूसरी जगह से कुछ कैश की व्यवस्था करके काम चलाया जा रहा है। लगातार उच्चाधिकारियों से संपर्क स्थापित करके कैश की कमी और डिमांड धनराशि उपलब्ध कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
धर्मसिंहवा प्रतिनिधि के अनुसार, पूर्वांचल बैंक की शाखा न खुलने पर लोगों जाम लगाकर हंगामा किया। कुछ लोगो ने बैंक के एक कैशियर के पर पैसा लेकर लोगों में पैसा बांटने का आरोप भी लगाया। इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक ने आरोपों की जांच कराने की बात कही। खाताधारक वारिस अली, रामसागर, रमेश चंद्र,राजाराम, कमलापति सिंह, तवस्सुम, ताहिरा खातून, हिदायतुल्लाह, गजराज, शिवकुमारी, खुशबुन्निशा, जाकिया, हसीना खातून, हसनरजा, रामअचल, याद अली, जिआउल्लाह, सलमा खातून, लालपरी, सिकंदर, सदरे आलम, शकुंतला, अजोरा देवी आदि ने बताया कि बैंक के कर्मियों द्वारा खाताधारकों से साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार, एसबीआई की शाखा पर खड़े रामलखन, दयाराम, दीनबंधु, सीता, रमा, कलावती, विंद्रा ने कहा हज़ार- दो हजार के रुपये से कोई भी काम नही हो रहा है। दो हजार का छुट्टा मिलना ही मुश्किल है। सरकार ने घर की सारी नगदी बैंक में जमा करा ली है, अब अपने ही पैसे के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। इसी प्रकार आंध्रा बैंक की शाखा पर लोगों का हुजूम जमा रहा। लोगों ने कहा एक हजार का सिक्का देकर खानापूरी की जा रही है।
बाघनगर प्रतिनिधि के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक सेमरियावां का ताला काफी देर बाद खुला। सुबह से बैंक खाताधारक बैंक में लाइन लगाए खड़े रहे। खाताधारक जावेद अहमद, इक्तेदार अहमद, गुफरान अहमद, अबूजर चौधरी आदि ने बताया कि बैंक कर्मचारी काफी देर से बैंक आ रहे हैं। बैंक कर्मचारी के पहुंचने पर कैश न होने की बात पता चलती है।
शाखा प्रबधंक अशोक कुमार भारती ने तीन दिसंबर को कैश उपलब्ध होने की संभावना जताया। भारतीय स्टेट बैंक बाघनगर में भी बैंक के बाहर कैश न होने की नोटिस चस्पा है। बैंक मैनेजर छबिलाल ने बताया कि शनिवार को कैश आने की संभावना है। खाताधारकों से सहयोग की अपेक्षा की। वहीं पीएनबी सेमरियावां में दो बजे कैश आने पर भीड़ एकाएक बैंक की ओर टूट पड़ी। बैंक में काफी भीड़ से एक महिला बेहोश हो गई। बैंक गार्ड व लोगों का सहयोग पानी की छींटे मारकर होश में लाया गया। गार्ड ने तुरंत महिला का कैश का भुगतान कराया। युवा संघर्ष समिति संयोजक रिजवान मुनीर, सह संयोजक सलमान आरिफ, शोएब अहमद, अनिल कुमार, संतोष प्रजापति आदि ने बताया कि जनता कैश के किल्लत से परेशान है।