पडरौना। दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह में सर्दी का सितम बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। सर्दी के इस मौसम में सबसे सर्द दिन शनिवार को रहा। निकायों में ठंड से बचाव को लेकर की गईं व्यवस्थाएं भी नाकाफी साबित हो रहीं हैं। रात में काम करने के साथ यात्रा करने वाले लोगों को ठिठुरना पड़ रहा है। 13 निकायों में से एकाध को छोड़कर किसी भी कस्बे में अब तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। नवसृजित नगर पंचायतों में पुराने पंचायत भवनों को रैन बसेरा के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, पडरौना नगरपालिका और कप्तानगंज नगर पंचायत में ही सिर्फ स्थाई रैन बसेरा की व्यवस्था है। शेष जगहों पर अस्थाई रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है। अस्थाई रैन बसेरा की तैयारी भी अधूरी है। लिहाजा, ठंड के मौसम में बाहर से आने वाले लोगों को कस्बाई क्षेत्रों में ठंड से ठिठुरना पड़ रहा है।
पिछले दो दिनों से कुशीनगर जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी मौसम काफी खराब रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा तो दिन चढ़ने के बाद मौसम साफ होने लगा। लोगों ने धूप निकलने की उम्मीद जताई, लेकिन पूरे दिन बादलों के बीच सूर्यदेव छिपे रहे। दोपहर के वक्त हल्की बूंदाबांदी भी हुई। गलन में इजाफा होने के कारण लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर रहे। पडरौना शहर में भी अन्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर कम भीड़ नजर आई। दो दिनों से रात में तापमान और कम हो जा रहा है। इसके चलते राहगीर, फुटपाथ और पटरियों पर रात गुजारने वाले बेसहारा व मजदूर ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं।