संतकबीरनगर। जिले में मोटापे की जांच के लिए आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए है। वह घर-घर जाकर बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए लोगों में मोटापे की जांच करेंगी। उनका वजन करेंगी। उनकी काउंसिलिंग करवाएंगी। प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के दौरान दिए गए निर्देश के आधार पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने यह कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
अनियमित जीवन शैली के चलते बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है। अब आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों का वजन मापेंगी और जांच करेंगी। अधिक वजन वाले लोगों को काउंसलिंग और इलाज की सुविधा दी जाएगी। सीएमओ डॉ. रामाेनुज कनौजिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में मोटापे से होने वाली बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया था।
निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग ने यह अभियान शुरू किया है। पहले चरण में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों का वजन और बेसिक स्वास्थ्य जांच करेंगी। उन्होंने बताया कि मोटापा लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इससे कई प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं।
इन सभी बीमारियों से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक पहल शुरू की है। इस पहल के तहत जिले भर के लोगों का चेक लिस्ट के माध्यम से सामुदायिक आधारित मूल्यांकन कराया जाएगा। सभी चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अभियान की सफलता में जुट जाएं।