संतकबीरनगर। आशा वकर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को निश्चित मानदेय व राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के जरिए भेजा। साथ ही एलान किया कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो नौ फरवरी को लखनऊ में धरना- प्रदर्शन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश आशा वकर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि पिछले चार माह से आशा और आशा संगिनी निश्चित मानदेय व राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहीं है। इसके बाद भी सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ऐसे में अब आर- पार का संघर्ष छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के बदौलत ही शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई है, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। कई सालों से पारिश्रमिक में वृद्धि तक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आशा और आशा संगिनी को ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए और सेवा निवृत्त पर ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
धरना में विजय लक्ष्मी, लालमुन्नी, गायत्री सिंह, सरिता श्रीवास्तव, मनीषा देवी, अनुराधा, सोनमती देवी, निर्मला देवी, लालमती, उर्मिला देवी, लीलावती, ऊषा देवी, अंजनी देवी, सुभद्रा देवी, रामा देवी, फूला देवी, निक्की सिंह, मिथिलेश, वंदना राय, नीता देवी, कृष्णा गुप्ता, मीना पांडेय, नीलम, सुधा देवी आदि मौजूद रहीं।