संतकबीरनगर। शिशुओं व प्रसूता की देखभाल के लिए आशा कार्यकर्ताओं को माड्यूल छह और सात के द्वितीय चरण का प्रशिक्षण एमसीएच विंग में शुरू हुआ। इसमें आशाओं को गृह आधारित भ्रमण के दौरान उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई।
सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नाैजिया ने कहा कि आशा कार्यकर्ता गांव में स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके जरिए स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि माड्यूल छह और सात के प्रशिक्षण के बाद आशा कार्यकर्ता नवजात शिशु के घर का भ्रमण करें। इस दौरान छह से सात बार शिशुओं का वजन करें, तापमान जांचें। मां को खतरे के लक्षणों के बारे में जागरूक करें। यह अवश्य बताएं कि एक साल तक मां और बच्चें काे निशुल्क इलाज और एंबुलेंस सेवा प्रदान की जाती है। कंगारू मदर केयर के बारे में भी बताएं। उन्होंने कहा कि बच्चे का शरीर कोमल होता है, इसलिए बगैर हाथ धोए, न छूएं और घर के लोगों को भी प्रेरित करें। इस दौरान जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर संजीव सिंह ने कहा कि आशा का माड्यूल छह और सात का प्रशिक्षण काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशिक्षण में बताई जा रही जानकारियों को समुदाय तक पहुंचाएं।
प्रशिक्षण में डीपीएम विनीत श्रीवास्तव, बीसीपीएम महेंद्र त्रिपाठी, विनोद जायसवाल, धनंजय श्रीवास्तव, प्रमिला देवी, नीलम, किरन, मीना देवी आदि मौजूद रहीं।