संतकबीरनगर। बखिरा स्थित एक हास्पिटल में बिना चिकित्सक के प्रसूता का ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की भी हालत गंभीर बताई जा रही है। आरोप है कि क्षेत्र की आशा ने ही प्रसव पीड़िता को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। पीड़ित पति ने सीएमओ को पत्र देकर अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की है।
सिद्धार्थनगर जिले के मरवटिया चैनपुर बांसी निवासी शकील अहमद का कहना है कि उसका विवाह 2011 में बखिरा क्षेत्र के लेदवा श्रीपाल में फातिमा खातून के साथ हुआ था। काफी इलाज कराने पर विवाह के लगभग 12 वर्ष बाद पत्नी को गर्भ धारण हुआ। जब बच्चा पैदा होने का समय पूर्ण हो गया तो उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांथा लेकर गया। जहां डॉक्टर ने बताया कि ऑपेशन करने की जरूरत भी पड़ सकती है। यहां ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है, क्योंकि अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इसे कहीं और ले जा सकते हैं। क्षेत्र की आशा ही अस्पताल लेकर आई थी। उसने बताया कि एक प्राइवेट अस्पताल है, जहां पर ऑपरेशन अच्छे ढंग से होता है। आशा ने फिर उसी प्राइवेट अस्पताल से एंबुलेंस मंगा लिया और बखिरा स्थित प्राइवेट अस्पताल लेकर आई। वहां पर बृहस्पतिवार की रात को बिना किसी सुविधा व सक्षम डॉक्टर के ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके साथ ही पत्नी की भी हालत गंभीर है। जब कर्मचारियों से संपर्क किए तो कर्मचारियों ने कहा कि बच्चे को ले जाकर कहीं दफना दो। पीड़ित शकील अहमद ने हास्पिटल की जांच कराकर सीज करके विधिक कार्रवाई की मांग की, जिससे कि दूसरी घटना न घटित हो सके। इसके साथ ही आशा पर भी कार्रवाई की मांग की है।
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पीड़ित शकील अहमद ने बखिरा स्थित एक हास्पिटल की शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ