धनघटासंतकबीरनगर। राम जानकी मार्ग के निर्माण में किसानों की ओर से लगाए गए ब्रेकर हटाने के लिए प्रशासन के जिम्मेदार किसानों को मनाने में जुटे हुए हैं। दो दिन से प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए प्रभावित किसानों से तहसील में पहुंचकर पर कागजात जमा करने की अपील कर रहा है तो शुक्रवार को तहसीलदार भंडा गांव के किसानों को बातचीत के जरिए मनाने में जुटे रहे।
अयोध्या से जनकपुर जाने वाले राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य धनघटा तहसील क्षेत्र के 35 किलोमीटर की दूरी में किया जाना है। सड़क निर्माण में 46 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। जनवरी में शुरू हुए इस कार्य की रफ्तार पर किसानों ने जगह-जगह ब्रेकर लगा रखा है। किसान परमानंद, अच्छेलाल, रामलोचन, बाबूराम और दीनानाथ आदि का कहना है कि सड़क किनारे जो सर्किल रेट है। उस रेट से किसानों को मुआवजा राशि नहीं दी जा रही है। सड़क किनारे की कीमती जमीन प्रशासन के लोग औने-पौने दाम पर लेकर किसानों का नुकसान कर रहे हैं। इसी कारण उचित मुआवजा राशि की मांग को लेकर निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। जब तक उचित मुआवजा राशि नहीं मिलेगी, निर्माण कार्य होने नहीं दिया जाएगा। दूसरी तरफ निर्माण कार्य होने देंने के लिए तहसील प्रशासन किसानों को मनाने में दो दिनों से जुटा हुआ है। वाहन पर लाउड स्पीकर बांध कर प्रचार प्रसार करके किसानों से तहसील पहुंच कर कागजात जमा करने का अपील किया जा रहा है तो तहसीलदार योगेंद्र पांडेय किसानों के बीच में पहुंचकर उनसे कागजात जमा करके मुआवजा राशि लिए जाने के लिए समझाया बुझाया जा रहा है।