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लेखपाल घूस लेते गिरफ्तार

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एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा, पैमाइश की रिपोर्ट के नाम पर ले रहा था 3000 रुपये
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पूर्व में पैमाइश करने के एवज में ले लिए थे सात हजार
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पैमाइश की रिपोर्ट लगाने के नाम पर 3,000 रुपये घूूस लेते हुए लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने धनघटा तहसील के मुख्य गेट के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद टीम लेखपाल को लेकर खलीलाबाद कोतवाली पहुंची। यहां उसके खिलाफ टीम प्रभारी ने तहरीर दी है।
धनघटा क्षेत्र के चकिया बाजार निवासी प्रदीप पाल पुत्र दयाराम पाल का आरोप है कि उसके पिता ने कुछ साल पूर्व क्षेत्र के चपरा पूर्वी स्थित पेट्रोल पंप के बगल में सड़क के किनारे जमीन का बैनामा लिया था। जमीन के आगे के हिस्से में उनका मकान बना है और पीछे का हिस्सा खाली है। इसी बीच अशरफपुर निवासी एवं चपरा पूर्वी स्थित पेट्रोल पंप के मालिक रामचंद्र यादव से उनका भूमि को लेकर विवाद हो गया। उन्होंने पैमाइश के लिए एसडीएम धनघटा को प्रार्थना पत्र दिया तो उन्होंने रिपोर्ट देने के लिए लेखपाल राजेदव गुप्ता को निर्देशित किया।
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लेखपाल ने पैमाइश करने के लिए दस हजार रुपये की मांग की। सात हजार लेने के बाद लेखपाल ने 14 सितंबर को पैमाइश की। रिपोर्ट लगाने के नाम पर लेखपाल 3,000 रुपये की मांग की। रकम न देने पर रिपोर्ट लगाने में आनाकानी करने लगा। तंग आकर उन्होंने 28 नवंबर को इसकी शिकायत एंटी करप्शन गोरखपुर टीम के इंस्पेक्टर देव प्रकाश रावत से की।
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टीम प्रभारी देव प्रकाश रावत ने बताया कि शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिले। बुधवार को लेखपाल राजदेव गुप्ता शिकायतकर्ता को बार- बार फोन करके घूस की मांग रहे थे। इस पर उन्होंने सहयोगी इंस्पेक्टर ए के सिंह, रामधारी मिश्रा, प्रवीण शान्याल आदि के साथ डीएम संतकबीरनगर के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी। डीएम की ओर से सरकारी गवाह के रूप में वाणिज्य कर निरीक्षक अनिल त्रिपाठी और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के कनिष्ठ सहायक अरविंद कुमार वर्मा को दिया गया। दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर जैसे ही धनघटा तहसील के मुख्य गेट के पास परिसर में शिकायतकर्ता प्रदीप पाल से लेखपाल राजदेव गुप्ता 3,000 रुपये घूस ले रहे थे तभी लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी के पास से 500- 500 की छह नोट बरामद कर लिए गए। इस संबंध टीम के प्रभारी देव प्रकाश रावत की ओर से आरोपी लेखपाल के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। कोतवाल अजय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
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