महुली क्षेत्र के चंद्रौटी गांव के लोगो ने राशन कार्ड, जॉब कार्ड में हेरा फेरी करने व ग्राम प्रधान के महीनों से गांव से बाहर रहने से नाराज होकर सड़क जाम कर दिया। गांव वालों का आरोप था कि ग्राम प्रधान चुनाव जीतने के बाद से ही गांव पर मौजूद नहीं है। उनके कथित प्रतिनिधि गांव के विकास की जिम्मेदारी निभा रहे है। जिसके कारण राशन कार्ड पात्रों को न देकर अपात्रों को मुहैया कराया जा रहा है।
ग्रामीण सजन लाल विश्वकर्मा, चंद्रिका यादव, इंद्र कुमार यादव, संदीप कुमार, संतोष चौरसीया, अजय कुमार, दशरथ, सभाजीत, दीनदयाल, दीपक विश्वकर्मा, अमरनाथ यादव, हरिप्रसाद, रामलौट यादव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने चंद्रौटी गांव के चौराहे पर रोड़ जाम कर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ नारेवाजी किया। जाम की सूचना पर मुखलिसपुर चौकी के सिपाही मिथिलेश मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम समाप्त कराने का भरसक प्रयास किया। जाम न समाप्त होने पर उन्होंने इसकी सूचना महुली थाने पर दिया। प्रभारी एसओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उसी दौरान एसडीएम इंद्रभान तिवारी भी व सीओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव भी पहुंच गए। ग्रामीणो ने एसडीएम को बताया कि चंद्रौटी गांव के प्रधान चुनाव जीतने के बाद बाहर गए हुए है। गांव में कराए जा रहे विकास कार्य को उनके एक कथित प्रतिनिधि देख रहे है। हेरा फरी कर गांव में राशन कार्ड अपात्रों को दिया गया है। जबकि पात्रों को राशन कार्ड दिया ही नहीं गया है। इसी तरह जाब कार्ड फर्जी लोगों के नाम से जारी कर मनरेगा में भुक्तान कराने का खेल चल रहा है। ग्रामीणों को यह भी आरोप था कि गांव के पंचायत सचिव के बारे में जब भी पूछा जाता है तो वह कहते है कि हम कुछ नहीं जानते है। आप लोग प्रधान प्रतिनिधि से वार्ता करे। ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग किया कि गांव में खुली बैठक के माध्यम से पात्रों का चयन करके राशन कार्ड और जाब कार्ड उपलब्ध कराया जाएं। एसडीएम के आश्वासन पर दो घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।