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Sant Kabir Nagar News: फर्जी वीजा के सहारे मलेशिया भेजने के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

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युवाओं को रोजगार के नाम पर की थी ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर फर्जी वीजा देकर मलेशिया भेजने के मामले के एक आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी ख़ारिज कर दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र कस्बा मगहर के मोहल्ला शेरपुर के रहने वाले पीड़ित मोहम्मद आरिफ ओबैदुल्लाह पुत्र बसीउल्लाह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसके घर पांच अप्रैल 2008 को फरहाद आलम निवासी नंदौर थाना बखिरा व अख्तर हुसैन निवासी नौवाडाड कोतवाली आए और उसे विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिए। उसका पासपोर्ट पहले से बना था, इसलिए लोगों के कई बार कहने पर और बार-बार घर आने पर उसने विश्वास कर लिया। 20 अप्रैल 2008 को मोहल्ले के कई लोगों के सामने अपने घर पर 85,000 रुपये नकद व अपना पासपोर्ट उसे दे दिया। 27 अप्रैल को खलीलाबाद रेलवे स्टेशन से अपने भाई शमशाद आलम निवासी नंदौर व अख्तर आलम नौवा डाड थाना खलीलाबाद जो उसके रैकेट के सदस्य हैं, के साथ ट्रेन से चेन्नई भेज दिया। चेन्नई में होटल में रोककर 13 मई की रात्रि चेन्नई एयरपोर्ट से फ्लाइट से उसे मलेशिया भेज दिया। मलेशिया पहुंचकर उसे लोगों की जालसाजी का पता चला। जिससे वह वहां फंस गया। किसी प्रकार वापस आने के बाद उसने आरोपियों के घर जाकर रुपये की मांग की तो आरोपियों ने मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी व अपशब्द कहा। उसके अलावा आलमगीर काज़ीपुर नई बाजार, राकेश कुमार त्रिपाठी मोहल्ला तिवारी टोला से पैंतीस-पैंतीस हजार रुपये व आलम मोहल्ला शेरपुर से 42000 रुपये, आलम पीसीओ शेरपुर मगहर पर 15 जून 2008 को मगहर के कई लोगों के सामने रुपये अख्तर व फरहाद व शमशाद को दिया। तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ और कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। आरोपी बनाए गए फरहाद आलम ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया और कहा कि वह निर्दोष है। उसे गलत फंसाया गया है। पीड़ित युवक को न तो जानते हैं न पहचानते है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने सह आरोपी के साथ मिलकर विदेश में नौकरी दिलाए जाने के नाम पर रुपये लेकर फर्जी बीजा देकर मलेशिया भेज दिया। बीजा फर्जी होने के कारण मलेशिया में पीड़ित फंस गया और अन्य लोगों को बीजा दिलाए जाने के नाम पर पैसा लिया। काफी समय से आरोपियों के फरार होने के करण गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। मामला आर्थिक अपराध से संबंधित है। अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाए। पक्षों की बहस सुनने के बाद तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने आरोपी फरहाद आलम निवासी नंदौर थाना बखिरा द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
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