फोटो है नगर पंचायत हरिहरपुर में एक करोड़ की लागत से बन रहा कवि रंगपाल सभागार का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। नगर पंचायत हरिहरपुर में रंगपाल सभागार का रुका हुआ निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था की सख्ती के चलते फिर शुरू हो गया। ठेकेदार की मनमानी की वजह से सभागार का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। सात सितंबर को अमर उजाला में ठेकेदारी के विवाद में फंसा रंगपाल सभागार का निर्माण शीर्षक से प्रकाशित खबर का असर हुआ तो कार्यदायी संस्था ने ठेकेदार के पेच कसे और टेंडर निरस्त करने की चेतावनी दी थी।
हरिहरपुर में कवि रंगपाल के नाम से सभागार का निर्माण कार्य एक साल पहले अगस्त माह से शुरु हुआ। जो इस साल अगस्त महीने तक पूरा हो जाना था। सभागार के निर्माण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के जरिए कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ को सौंपी गई थी। बीते साल अगस्त माह से संस्था के ठेकेदार ने निर्माण कार्य कराना शुरू किया, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत गया अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।इसी बीच निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने कार्य रोक दिया। कार्यदायी संस्था के एक्सईन अतुल चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार ठेकेदार की मनमानी के चलते भवन निर्माण का कार्य रुका हुआ था। भवन निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार को दो बार चिट्ठी भेजकर इसके संबंध में जानकारी करनी चाही, लेकिन उनका जवाब नहीं मिला। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने सख्ती दिखाते हुए टेंडर निरस्त करने की प्रक्रिया शुरु करने की चेतावनी दी। तब जाकर ठेकेदार ने कार्य कराना शुरू किया। बताते चलें कि हरिहरपुर में जन्मे कवि रंगपाल ब्रजभाषा के श्रेष्ठ रचनाकार थे। लोग उन्हें फाग कवि के नाम से जानते हैं। उन्होंने फाग की विधा को अपनी रचनाओं के जरिए अहम मुकाम दिया था।पाल सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन बृजेश पाल के प्रयास से सीएम की संस्तुति पर पर्यटन विभाग ने सभागार निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी यूपीसीएलडीएफ संस्था को सौंपी गई थी।