संतकबीरनगर। जून में कुत्तों के काटने की संख्या में इजाफा हुआ है। इस माह में अब तक 370 लोगों ने जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया है, जबकि अन्य महीनों में 130 से 150 के करीब मरीज आते हैं। कमोवेश यही हाल सीएचसी का भी है। वहां भी कुत्ता काटने वाले मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ गई है। जानकार बताते है कि कुत्तों के दिमाग में गर्मी चढ़ने पर उन पर पागलपन जैसा दौरा आता है। इससे यह इंसानों को अपना शिकार बनाते हैं। जून में गर्मी अधिक बढ़ी है। इससे इस प्रकार की घटनाएं अधिक सामने आई हैं। जिला अस्पताल के साथ सीएचसी, पीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने की व्यवस्था है। जिला अस्पताल में कुत्ता काटने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुुआ है। जिले में मार्च माह में कुल 230, मई माह में 290 और जून माह में 370 लोग पहुंचे हैं। एआरवी लगवाने बुधवार को सीएचसी खलीलाबाद पर आए बंजरिया निवासी सलीम, जोखन आदि ने बताया कि उन्हें गली के कुत्ते ने काट लिया है। एंटी रेबीज इंजेेक्शन में एक वायल में चार लोगों को डोज लगाई जाती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉॅ. महेश प्रसाद ने बताया कि अस्पताल के एआरवी कक्ष में वैक्सीन की कमी नहीं है। जो भी मरीज कुत्ता काटने से पीड़ित आते है उन्हें वैक्सीन लगाई जाती है।
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कुत्ता काटने पर क्या करें
- कुत्ता काट ले तब उसे तत्काल साफ पानी से रगड़-रगड़ कर धोएं।
- कटे वाले स्थान पर साबुन लगाकर अच्छी तरह से साफ कर लें।
- कुत्ते पर नजर रखें, कहीं वह पागल तो नहीं है।
- डॉक्टर से संपर्क कर एआरवी जरूर लगवाएं, इससे खतरा नहीं रहेगा।
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पालतू कुत्तों को गर्मी से बचाव की जरूरत है। कुत्ते गर्मी से परेेशान होकर इंसानों पर हमला करते हैं। इसके लिए कुत्ते को दिन में दो बार जरूर नहलाएं। घुमंतू कुत्तों से सावधान रहने की जरूरत है। कुत्ता काटने का इलाज सिर्फ वैक्सीनेशन है। सावधानी जरूरी है। बच्चों को पालतू कुत्तों के पास न जाने दें।
-डॉ ओपी मिश्र, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी