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Sant Kabir Nagar News: सरकारी दफ्तर में महिला ने खुद पर छिड़का डीजल, आग लगाने की कोशिश- जानें क्या है मामला

Tue, 23 Jul 2024 01:40 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर
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आग लगाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला को रोका, अचेत अवस्था में दफ्तर की कुर्सी पर लेटी महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर के कलेक्ट्रेट परिसर में एक महिला ने अपने ऊपर डीजल छिड़क कर आग लगाने का प्रयास किया।  मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने किसी तरह महिला को कब्जे में लेकर उसे नियंत्रित किया। आरोप है कि महिला अपने जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत और अधिकारियों से कब्जा मुक्त करवाने की फरियाद लेकर लंबे समय से दौड़ रही थी।

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मंगलवार को आजिज आकर उसने ये कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, महुई गोलीकांड में शामिल आरोपियों के कब्जे में की गई जमीन को मुक्त कराने के लिए महिला अधिकारियों के दफ्तर का का चक्कर लगा रही थी।
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मंगलवार को न्याय न मिलने से नाराज होकर मृतक धर्मेंद्र की पत्नी और मां कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुंच गई। दफ्तर के बाहर ही शरीर पर डीजल छिड़क लिया और आग लगाने की कोशिश करने लगी। इस दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जाकर महिला को पकड़ लिया और हाथ से डीजल भरी बोतल छीन लिया।

घटना की जानकारी होने पर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। महिला को दो दिन में न्याय दिलाने का आश्वाशन दिया। इसके बाद महिला को थाने भेजवाया।

महिला अंदर फरियाद लेकर पहुंची, बाहर आग लगाने की कोशिश फिर गरजा बुलडोजर
संत कबीर नगर कलेक्ट्रेट की घटना से सभी हैरान, पहले से ही अतिक्रमण तोड़े जाने की कार्रवाई तय थी। डीएम के निर्देश पर परिजनों के साथ चिकित्सकीय उपचार करवाने के साथ प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजकर अवैध कब्जे को भी हटवाया।

पीड़िता के परिजनों को कलेक्ट्रेट परिसर में समझाते अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 जून को ही हो गई थी पैमाईश, आज हटाना था अतिक्रमण
महिला के आरोपों पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने तत्काल अपने प्रशासनिक टीम से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करवाई। उपजिलाधिकारी खलीलाबाद ने बताया कि पैमाइश 20 जून को ही कर दी गयी थी, नोटिस पीरियड के बाद अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए परिवार को बताया गया था।

मोहर्रम के जुलूस के बाद तहसील प्रशासन ने 20 जुलाई को इनके परिवारजन से बात करके बताया था कि मंगलवार को अतिक्रमण हटाया जाएगा। 23 जुलाई को सुमन यादव और इनका परिवार तहसील खलीलाबाद में उपजिलाधिकारी शैलेश कुमार से आकर मिले, जहां इनको बताया गया कि आज दोपहर 2 बजे प्रशासन/पुलिस की टीम आएगी। 

इसके बाद भी ये लोग कलेक्ट्रेट परिसर में गए, जहां एएसडीएम अरुण कुमार ने भी पीड़ितों को बताया तथा कहा कि आप लोग घर पहुंचिए टीम पहुंचेगी।  उसके बाद ये लोग बाहर गए। 
 
इसके बाद बाहर आकर ये बेंच पर बैठे थे और थोड़ी देर में ये हल्ला हंगामा की खबर बाहर आने लगी। अब किन कारणों से और किन लोगों के बहकावे/उकसावे में आकर ये कदम उठाया है इसकी भी जांच की जा रही है।
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प्रशासनिक टीम द्वारा पहले से चिन्हित अवैध कब्जे को भी तोड़ दिया गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीसीटीवी से कर ली गई है पहचान
सुमन यादव तहसील से बाहर बेंच पर बैठी थी। इसी दौरान दो लोग एक पानी को बोतल में कुछ तरल पदार्थ लेकर आए और सुमन यादव को दे दिया। देते समय इनके द्वारा सुमन से कुछ बातचीत की गई, जो देखकर प्रतीत होता है कि उन्हें भड़काया गया था। इसी के बाद ये मामला आगे बढ़ गया। जांच रिपोर्ट के बाद उक्त पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
 
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जिस समय ये घटना हुई मैं मंडलीय बैठक में जनपद बस्ती में था। घटना की जानकारी होते ही त्वरित पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाई। पीड़िता के साथ लगातार प्रशासनिक अधिकारी संपर्क में थे और उन्हें ये विश्वास दिलाया गया था कि मंगलवार को ये कार्रवाई होगी।

इसके बाद भी ऐसे ये घटना हुई, खेद है। आज जैसा कि पूर्व से तय था, अवैध अतिक्रमण हटवा भी दिया गया है। मामले में किसी शरारती तत्व ने जानकर पीड़िता को उकसाया है। घटना के बाद महिला का जरूरी उपचार करवाकर उन्हें घर भिजवा दिया गया। 
 
 
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