पीड़िता के परिजनों को कलेक्ट्रेट परिसर में समझाते अधिकारी
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20 जून को ही हो गई थी पैमाईश, आज हटाना था अतिक्रमण
महिला के आरोपों पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने तत्काल अपने प्रशासनिक टीम से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करवाई। उपजिलाधिकारी खलीलाबाद ने बताया कि पैमाइश 20 जून को ही कर दी गयी थी, नोटिस पीरियड के बाद अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए परिवार को बताया गया था।
मोहर्रम के जुलूस के बाद तहसील प्रशासन ने 20 जुलाई को इनके परिवारजन से बात करके बताया था कि मंगलवार को अतिक्रमण हटाया जाएगा। 23 जुलाई को सुमन यादव और इनका परिवार तहसील खलीलाबाद में उपजिलाधिकारी शैलेश कुमार से आकर मिले, जहां इनको बताया गया कि आज दोपहर 2 बजे प्रशासन/पुलिस की टीम आएगी।
इसके बाद भी ये लोग कलेक्ट्रेट परिसर में गए, जहां एएसडीएम अरुण कुमार ने भी पीड़ितों को बताया तथा कहा कि आप लोग घर पहुंचिए टीम पहुंचेगी। उसके बाद ये लोग बाहर गए।
इसके बाद बाहर आकर ये बेंच पर बैठे थे और थोड़ी देर में ये हल्ला हंगामा की खबर बाहर आने लगी। अब किन कारणों से और किन लोगों के बहकावे/उकसावे में आकर ये कदम उठाया है इसकी भी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक टीम द्वारा पहले से चिन्हित अवैध कब्जे को भी तोड़ दिया गया
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सीसीटीवी से कर ली गई है पहचान
सुमन यादव तहसील से बाहर बेंच पर बैठी थी। इसी दौरान दो लोग एक पानी को बोतल में कुछ तरल पदार्थ लेकर आए और सुमन यादव को दे दिया। देते समय इनके द्वारा सुमन से कुछ बातचीत की गई, जो देखकर प्रतीत होता है कि उन्हें भड़काया गया था। इसी के बाद ये मामला आगे बढ़ गया। जांच रिपोर्ट के बाद उक्त पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जिस समय ये घटना हुई मैं मंडलीय बैठक में जनपद बस्ती में था। घटना की जानकारी होते ही त्वरित पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाई। पीड़िता के साथ लगातार प्रशासनिक अधिकारी संपर्क में थे और उन्हें ये विश्वास दिलाया गया था कि मंगलवार को ये कार्रवाई होगी।
इसके बाद भी ऐसे ये घटना हुई, खेद है। आज जैसा कि पूर्व से तय था, अवैध अतिक्रमण हटवा भी दिया गया है। मामले में किसी शरारती तत्व ने जानकर पीड़िता को उकसाया है। घटना के बाद महिला का जरूरी उपचार करवाकर उन्हें घर भिजवा दिया गया।