डॉ. अयूब के बयान पर उलेमाओं में नाराजगी
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सेमरियावां(संतकबीरनगर)। जमीअतुल उलेमा-ए हिंद के संस्थापक मौलाना सैयद हुसैन अहमद मदनी और इस संगठन के वर्तमान नेतृत्व पर पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब के बयान पर उलेमा में काफी नाराजगी है। ग्राम दरियाबाद स्थित जामिया हजरत उमर फारूक पर जमीअतुल उलेमा की जिला इकाई की बैठक हुई। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. मोहम्मद अयूब के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
संगठन के जिला अध्यक्ष मौलाना नूरुल हुदा कासमी ने कहा कि जमीअतुल उलेमा ने आजादी की लड़ाई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सहयोग दिया था। जब मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान बनाए जाने की मांग उठाई तो जमीअत ने इसका पुरजोर विरोध किया। आजादी के बाद भी देश में हिंदू मुस्लिम एकता कायम रखने के लिए जमीयत के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दिन रात मेहनत की। आज भी कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ जमीअत आवाज उठाती रहती है। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब ने जमीयत के संस्थापक सैयद हुसैन अहमद मदनी, सय्यद असअद मदनी, सैयद महमूद मदनी, पूरे मदनी खानदान और जमीअत उलेमा ए हिंद पर आपत्तिजनक आरोप लगाए हैं। जिला संयोजक मोहम्मद अहमद ने कहा कि डॉ अयूब के बयान से इंसाफ पसंद लोगों में काफी आक्रोश है। उन्हें अपने बयान वापस लेते हुए माफी मांगना चाहिए। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष मौलाना शादाब अहमद कासमी, मोहम्मद अतहर, संगठन के प्रवक्ता मौलाना रहमतुल्लाह नूर कासमी, मोहम्मद इस्लाम कासमी, हाफिज अलीमुल्लाह, मोहम्मद शोएब, राम बहाल, छबिलाल आदि लोग मौजूद रहे।