वजन दिवस के अवसर बच्चों का वजन कराती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दूसरे दिन मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष वजन दिवस आयोजित किया गया। दूसरे दिन कुल 82 हजार बच्चों का वजन कराया गया, जिसमें से 82 सौ बच्चे कुपोषित पाए गए। वजन दिवस के दिन आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में तीन केंद्र बंद पाए गए, जबकि एक केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाजार में टहलते मिली। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
छह दिसंबर को मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विशेष वजन दिवस को सफल बनाने के निर्देश दिए थे। इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा विभाग के अलावा ग्राम प्रधानों से सहयोग लेने की बात कहीं गई थी। मंगलवार को सुबह से ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वजन लेने का कार्य शुरू किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।
अधिकारी भी लगातार केंद्रों का भ्रमण कर जायजा लेते रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरूण कुमार दूबे ने बताया कि निरीक्षण में बघौली विकास खंड का ढोढया, गुलरिहा तथा पौली का रीठा केंद्र बंद पाया गया, जबकि मेंहदावल के कुम्हा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाजार में टहलते मिली। इन सभी को कारण बताओ नोटिस दी गई है। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन शून्य से पांच साल आयु वर्ग के 82 हजार बच्चों का वजन किया गया, जिसमें 82 सौ बच्चे कुपोषित पाए गए। इन बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ ही जरूरत के म़ुताबिक इलाज कराया जाएगा।