मेंहदावल क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौदरी और बखिरा के मेड़रापार गांव में शराब की दुकान खुलने के विरोध में गुस्साए लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के काफी समझाने पर गुस्साए लोग मान गए और जाम खोला। जाम के चलने दोनों ही स्थानों पर एक-एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार, ग्राम पंचायत नौदरी के लोगों ने अवकाश प्राप्त कैप्टन रामनयन चौरसिया और ग्राम प्रधान अर्जुन चौरसिया के नेतृत्व में शराब की दुकान खुलने को लेकर विरोध में प्रदर्शन करते हुए बखिरा -मेंहदावल मार्ग पर जाम लगा दिया। आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित बस स्टैंड के बगल में अंग्रेजी शराब की दुकान काफी समय से चल रही है, वर्ष 2017-18 में दुकान गांव में खोलने की कोशिश लाइसेंसी द्वारा हो रही है। शनिवार को इस लाइसेंसी द्वारा किराए पर लिए गए कमरे की साफ सफाई कराते हुए दुकान खोलने की प्रक्रिया देख ग्रामीणों ने विरोध जताया। जिस पर दुकान से संबंधित लोग मौके से भाग निकले।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस स्थान पर शराब की दुकान खोली जा रही हैं उसके बगल में ही योग ध्यान केंद्र बना हुआ हैं। गांव की महिलाएं अक्सर यहां आती हैं। यदि इस गांव में शराब की दुकान खुलेगी तो गांव का माहौल खराब होगा अराजक तत्वों का जमावड़ा लगेगा और शराबी महिलाओं से अभद्रता कर सकते हैं। प्रदर्शन व मार्ग जाम की सूचना पर एसआई मोतीचंद्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझा कर इस शर्त पर मामला शांत कराया कि मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए कार्रवाई की जाएगी। तब जाकर ग्रामीणों ने मार्ग जाम समाप्त किया। इस दौरान राम नरेश, श्रीराम पासवान, सूर्य प्रकाश, संतराम, मनोज कुमार, दिनेश यादव, शिवम, देवव्रत यादव, इंद्रेश, दीपक, संजय, प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे।
बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार, मेड़रापार गांव में अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकान खोले जाने की सूचना पर लोगों ने प्रधान की अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए बखिरा- सहजनवां मार्ग जाम कर दिया। ग्राम प्रधान मेडरापार प्रवीन कुमार गौतम, अविनाश निषाद, गीता, अंजली मल्लाह, अमरेंद्र पाठक, सुनील कुमार सिंह, सतेंद्र पाठक, रीमा, गुडिया, अंजली ने कहा कि गांव में निषाद आबादी की बहुलता है। जिस स्थान पर शराब की दुकान खोलने का प्रस्ताव है, उसके निकट ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय, संस्कृत विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, दुर्गा मंदिर मौजूद हैं।
इससे बच्चों के पठन-पाठन का माहौल खराब होने के साथ ही बच्चों का भविष्य खराब होगा। इसी रास्ते बरईपार, संतोषपुर, जसवल, शनिचरा समेत कई गांव की महिलाएं व पुरुष भी इसी रास्ते गुजरते है। इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी शराब की दुकान अन्यत्र खोलने की गुहार लगाई है। जाम की सूचना पर चौकी इंचार्ज प्रदीप सिंह ने मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा- बुझाकर रास्ता खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक मार्ग जाम रहा।