भगवानपुर पश्चिमी गांव निवासी बैजनाथ का आरोप था कि उनकी वृद्ध मां लालदेई की तबियत पहले से ही खराब थी। शनिवार की सुबह तबियत ज्यादा खराब होने पर वह 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस की मांग किया।
तो वहां से बताया गया कि कुछ देर में एंबुलेंस पहुंच जाएगी, लेकिन एंबुलेंस दो घंटे बाद पहुंची। बैजनाथ का यह भी आरोप था कि वह एंबुलेंस चालक से जिला अस्पताल ले जाने का मनुहार करते रहे लेकिन चालक उन्हें जिला अस्पताल ले जाने के बजाय सीएचसी नाथनगर लाकर छोड़ दिया।
नाथनगर सीएचसी पर समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण जिला अस्पताल ले जाने की बात चालक से कह रहा था। जिला अस्पताल जाने पर तत्काल इलाज शुरू हो जाता तो उसकी मां की जान बच सकती थी।
उनका कहना है कि एंबुलेंस चालक की मनमानी के कारण उसकी मां की जान चली गई। उन्होंने इसकी शिकायत ऊपर तक करने की बात भी कही।