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मुकद्दस रमजान में ही कुरआन-ए-पाक को अल्लाह ने दुनिया में भेजा : मौलाना नदवी

Mon, 03 Mar 2025 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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सेमरियावां। शनिवार की शाम में चांद का दीदार होते ही रहमतों और बरकतों से भरा मुकद्दस माह-ए-रमजान शुरू हो गया है। रोजेदारों ने सोमवार को दूसरा रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में जुट रहे। दूसरा रोजा भी 13 घंटे का रहा। रोजेदार फिर रात में सहरी खाकर कर मंगलवार को तीसरा रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत में जुट गए।
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रमजान के मद्देनजर गांव के चौराहे, कस्बा, बाजार जगहों पर बाजार गुलजार रहे। सोमवार को लोगों ने रोजा इफ्तार के लिए बाजार में खूब खरीदारी की। इससे इलाके के सेमरियावां,करही, उसराशहीद, दानोकुइयां, बाघनगर, दुधारा, चिउटना, सालेहपुर आदि चौराहे व बाजारों में रौनक छाई रही। रमजान के लिए सजी दुकानों से सहरी और इफ्तार के सामान खरीदे गए। मुस्लिम समुदाय के लोग मुकद्दस रमजान में रोजेदार अल्लाह को राजी करने के लिए तकवे और परहेजगारी के साथ अल्लाह व रसूल मोहम्मद साहब के मुताबिक सख्ती से अमल करते हैं।
मौलाना फुजैल नदवी ने बताया कि मुकद्दस रमजान में ही कुरआन-ए-पाक को अल्लाह ने दुनिया में भेजा। रमजान का रोजा रखकर हम इबादत, नेक अमल से अल्लाह को राजी कर अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। अल्लाह ने रमजान को तीन भागों में बांटा है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से निजात। उन्होंने बताया कि रमजान में अल्लाह गुनाह के सभी दरवाजे बंद कर जन्नत के दरवाजे खोल देता है। रमजान में रोजेदार को एक नेकी के बदले खुदा सत्तर नेकी उसके नाम ए आमाल में दर्ज करता है।
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यह अल्लाह की रहमत और बरकत का महीना है जिसमें बंदा हर बुरी चीजों को छोड़कर अच्छाई पर अमल करना शुरू कर देता है। क्षेत्र के करही, उंचहराकला, सेमरियावां, दरियाबाद, देवरिया नासिर, कोहरियावां, बाघनगर, तिनहरी माफी, सालेहपुर, सेहुड़ा, दानोकुइयां, रक्शाकला, दुधारा, बजहरा, देवरिया लाल आदि गांवों के मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रात में रमजान की विशेष नमाज़ ए तरावीह की नमाज़ का सिलसिला जारी है। जो पूरे माह चलेगा।

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रमजान में बढ़ जाती है खजूर की मांग
दिनभर रोजा रखने के बाद रोजेदार कमजोरी व थकान को दूर करने के लिए खजूर का इस्तेमाल करते हैं। रोजेदार रुह-ए-अफजा को पानी की कमी और ठंडक के साथ ही शरबत में प्रयोग करते हैं। सेमरियावां में खजूर का कारोबार कर रहे जियाउद्दीन चौधरी ने बताया खाड़ी देश ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत से आने वाले खजूर के दामों में बढ़ोतरी होने से बाजार में भी खजूर के बढ़े हैं।
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बाजार में खजूर की कीमत

अजवा 1200 रुपये प्रति किलो

मसरूख 600 रुपये प्रति किलो
कलमी 400 रुपये प्रति किलो
सगाई 550 रुपये प्रति किलो
राबिया 350 रुपये प्रति किलो
मैबरूम 1000 रुपये प्रति किलो
मेडजूल 1200 रुपये प्रति किलो
अम्बर 1000 रुपये प्रति डिब्बा
रब्बी 300 रुपये प्रति किलो
लिबर्टी 250 रुपये प्रति किलो
नागल 250 रुपये प्रति किलो
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