संतकबीरनगर। अग्रवाल नेत्रालय के जरिए किए गए आंख के ऑपरेशन के बाद संक्रमित हुए 11 पीड़ितों में एक की मौत हो चुकी है, जबकि एक पीड़ित की दोनों आंख निकाली जा चुकी है। अब सभी पीडितों को अपनी संक्रमित आंख निकलवानी पड़ेगी। कुछ पीड़ित तो लखनऊ में ऑपरेशन के इंतजार में हैं। परिजन अपनी कहानी बताते हुए फफक कर रो पड़े। इसमें किसी पीड़ित का 80 हजार तो किसी को दो लाख रुपये अब तक इलाज में खर्च हो चुका है।
-
ऑपरेशन के बाद कुछ दिखाई नहीं दे रहा
सहजनवां के हरपुर बुदहट के रामपुर निवासी रामपलट के बेटे रामदास ने बताया कि उनके पिता ने अग्रवाल नेत्रालय में 13 दिसंबर को ऑपरेशन कराया था। उसके बाद से उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। कई जगह दिखाया, काफी भागदौड़ की लेकिन राहत नहीं मिली। उनकी एक आंख में संक्रमण अधिक है। जिसकी वजह से आंख निकालने के लिए डॉक्टर ने कहा है। अब तक 70 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।
दाहिनी आंख में फैल गया संक्रमण
नाथनगर के जयरामपट्टी निवासी द्रोपती देवी ने बताया कि उनकी दाहिनी आंख में संक्रमण फैला है। हमेशा दर्द बना रहता है। पीजीआई में दिखाया है। वहां पर आंख को निकालने के लिए कहा है। काफी दौड़ भाग की। अब तक दो लाख के करीब खर्च हो चुका है, लेकिन राहत नहीं मिली। हर समय इसी को लेकर चिंता सता रही है।
इलाज में खर्च हो गया काफी रकम
सेमरियावां के आटा कला निवासी जफर अली ने बताया कि उनकी दाहिनी आंख में संक्रमण हो गया है। हमेशा पानी आता है। लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। काफी रकम खर्च हो चुका है, लेकिन राहत नहीं मिली है।
हर जगह निराशा ही लगी
खलीलाबाद के कोल्हुआ निवासी मंशा उर्फ मुनक्का के बेटे महेश ने बताया कि कई जगह पर मां की आंख को दिखाया लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी है। बाएं आंख में संक्रमण है। आंख को निकवाना ही पड़ेगा। इसमें काफी रकम खर्च हो चुका है। दोषी अग्रवाल नेत्रालय पर भी कोई ठोक कार्रवाई नहीं हो पाई है।
लखनऊ में चल रहा इलाज
खलीलाबाद के उमरी खुर्द निवासी कुमारे के बेटे महेश प्रजापति ने बताया कि पिता के दाहिनी आंख में संक्रमण फैल गया है। उनका इलाज लखनऊ चल रहा है। आंख निकलवाने की सलाह चिकित्सकों ने दी है। उसी की तैयारी में जुटे हैं। अब तक काफी रकम खर्च हो गया है।
-
गांव के एक व्यक्ति कहने पर कराया था ऑपरेशन
सहजनवां के नेवास निवासी समुदरा देवी के बेटे बृजेश ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति के कहने पर वह मां को लेकर अग्रवाल नेत्रालय गए थे। जहां पर ऑपरेशन हुआ और उसके बाद से दिक्कत बढ़ गई। एक आंख को निकलवाने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं।